Sawan Somwar Vrat Niyam 2026: 30 जुलाई 2026 से सावन का महीना शुरू हो गया है। जहां कुछ लोग इस पूरे महीने व्रत रखते हैं और शिव जी की पूजा करते हैं। वहीं, कई लोग केवल सोमवार के दिन व्रत रखते हैं। दरअसल, सावन सोमवार के दिन का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन तप-त्याग करने से विशेष लाभ होता है। हालांकि, सावन सोमवार के व्रत और पूजा-पाठ से जुड़े कई नियम भी हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। आज यहां पर आप सावन सोमवार व्रत के खाने से जुड़े नियमों के बारे में जानेंगे।
2026 में सावन सोमवार कब-कब हैं?
| सावन सोमवार | तारीख (2026) |
| पहला सोमवार | 3 अगस्त |
| दूसरा सोमवार | 10 अगस्त |
| तीसरा सोमवार | 17 अगस्त |
| चौथा सोमवार | 24 अगस्त |
सावन सोमवार का व्रत कैसे रखें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत तीन तरह से रखा जा सकता है। सबसे पहले निर्जला व्रत होता है, जिसमें कुछ भी खाने और पीने की मनाही होती है यानी दिनभर भूखा रहना होता है। इसके बाद फलाहार व्रत आता है, जिसमें दिन में दो बार (सुबह और शाम में) कुछ विशेष चीजों का सेवन किया जाता है। इसके अलावा कुछ लोग सात्विक व्रत भी रखते हैं। इसमें दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन किया जाता है।
सावन सोमवार व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं?
जो लोग फलाहार व्रत रखते हैं, वो इसमें सभी प्रकार के ताजे फल खा सकते हैं। दूध, दही, मक्खन, छाछ, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद का सेवन किया जा सकता है तथा पानी पिया जा सकता है। साथ ही कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, राजगीरा और सामक के चावल से बनी चीजों का सेवन किया जाता है, लेकिन सामान्य अनाज, प्याज, लहसुन और तामसिक चीजों का सेवन पूरी तरह से वर्जित है।
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खाने में कौन से मसालों का करें इस्तेमाल?
फलाहार व्रत के खाने में साधारण नमक, हल्दी, हींग, गरम मसाला, लाल मिर्च, राई और मेथी दाना का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इनकी जगह आप खाना बनाने के लिए काली मिर्च, जीरा, सेंधा नमक, अजवाइन, अदरक, हरी मिर्च, दालचीनी, लौंग, हरी इलायची और हरा धनिया का उपयोग कर सकते हैं।
सावन सोमवार व्रत से जुड़े नियम
यदि आप भी सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं तो सबसे पहले उपवास का संकल्प लें और शिव जी की पूजा करें। व्रत वाले दिन नकारात्मक चीजों से दूर रहें और अपना मन शांत रखें। इसके अलावा बार-बार व्रत का खाना खाने से बचें। एक जगह पर बैठकर पूरा भोजन करें। भोजन करने से पहले और बाद में अपने हाथ धोएं और कुल्ला करें।
