कृषि

Wheat cultivation: गेहूं बुवाई का रकबा बढ़ा, देश में इतने लाख हेक्टेयर में हो रही है खेती

Wheat cultivation: देश में गेहूं बुवाई का रकबा में 6.58 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 200.35 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि रेपसीड-सरसों का रकबा पहले के 84.85 लाख हेक्टेयर से घटकर 75.86 लाख हेक्टेयर हो गया है।

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देश में गेहूं बुआई का एरिया बढ़ा (तस्वीर-Canva)

Wheat cultivation: चालू रबी मौसम में देश में गेहूं बुवाई का रकबा 6.58 प्रतिशत बढ़कर 200.35 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं कुल रबी फसलों का रकबा 4.13 प्रतिशत बढ़कर 428.84 लाख हेक्टेयर रहा। कृषि मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। सर्दियों की मुख्य फसल गेहूं आमतौर पर नवंबर से बोई जाती है और मार्च और अप्रैल के बीच काटी जाती है।

इस रबी मौसम में दो दिसंबर तक दलहन का रकबा मामूली रूप से बढ़कर 108.95 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल 105.14 लाख हेक्टेयर था। इसमें चना 78.52 लाख हेक्टेयर और मसूर 13.45 लाख हेक्टेयर में बोया गया है।

मोटे अनाज की बुवाई भी 24.67 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.24 लाख हेक्टेयर हो गई, जिसमें ज्वार 17.43 लाख हेक्टेयर और मक्का 6.87 लाख हेक्टेयर में बोया गया है। हालांकि, तिलहन की बुवाई पिछले वर्ष के 84.85 लाख हेक्टेयर की तुलना में घटकर 80.55 लाख हेक्टेयर रहा है।

रेपसीड-सरसों का रकबा पहले के 84.85 लाख हेक्टेयर से घटकर 75.86 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि मूंगफली का रकबा पहले के 2.11 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.97 लाख हेक्टेयर रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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