कृषि

Tomato Price: टमाटर की कीमतों में गिरावट, ओडिशा के किसानों को नहीं मिल रही उत्पादन लागत भी

Tomato Price: बाजार में टमाटर 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने के बावजूद ओडिशा के गंजाम जिले में टमाटर की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें उत्पादन लागत भी नहीं मिल पा रहा है।

Image

टमाटर किसानों को भारी नुकसान (तस्वीर-canva)

Tomato Price: ओडिशा के गंजाम जिले में टमाटर की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाजार में टमाटर 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने के बावजूद, खेती करने वालों को इसकी कीमतें 3 से 5 रुपये प्रति किलोग्राम ही मिल रही है। बुनियादी उत्पादन लागत भी वसूल न कर पाने के कारण कई किसान अपनी फसल कम दाम पर बेचने को मजबूर हो गए हैं, जबकि कुछ ने तो अपनी फसल को मवेशियों के खाने के लिए ही छोड़ दिया है।

गंजाम ब्लॉक के सत्रुसल गांव के टमाटर उत्पादक सुरथ पाहन ने कहा कि पिछले तीन महीनों से फसल पर इतना समय और पैसा खर्च करने के बाद हम कटाई पर खर्च की गई मजदूरी भी नहीं वसूल पा रहे हैं। पाहन ने शुक्रवार को तीन प्रति किलोग्राम के हिसाब से करीब 15 क्विंटल टमाटर बेचे। एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती करने वाले पाहन ने कहा कि हमारे इलाके में कुछ किसानों ने व्यापारियों द्वारा मात्र दो रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत दिए जाने के बाद अपनी फसल ही छोड़ दी।

मठ मुकुंदपुर गांव के दया प्रधान ने बताया कि लाभ की बात तो भूल ही जाएं हम बीज, खाद, कीटनाशक और परिवहन पर होने वाले बुनियादी खर्च भी नहीं निकाल पाते। शत्रुसोला गांव के किसान उपेंद्र पोलाई ने कहा कि इतने कम दाम पर टमाटर बेचने के बजाय, मैंने फसल को अपने मवेशियों को खिलाने का फैसला किया। बागवानी विभाग के उप निदेशक कांड जेना ने बताया कि पिछले सप्ताह जिले में टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि इस साल अत्यधिक फसल की वजह से कीमतों में गिरावट आई है।

कम अवधि की मौसमी फसल होने की वजह से कई किसानों ने टमाटर की खेती की जिसके कारण आपूर्ति अधिक हो गई और कीमत में गिरावट आई। जेना ने कहा कि गंजाम में इस सत्र में करीब 1,500 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई। किसान नेता एवं जिला परिषद के पूर्व सदस्य ब्रुन्दाबन खतेई ने कहा कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और ‘कोल्ड स्टोरेज’ की कमी के कारण टमाटर उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article