कृषि

किसानों के लिए परेशानी बन रहा सस्ता टमाटर, गिरती कीमत से हो रहा नुकसान

ओडिशा के गंजाम जिले में टमाटर की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में टमाटर 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने के बावजूद, खेती करने वालों को इसकी कीमतें तीन से पांच रुपये प्रति किलोग्राम ही मिल रही है। बागवानी विभाग के उप निदेशक कांड जेना ने बताया कि पिछले सप्ताह जिले में टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

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किसानों के लिए परेशानी बन रहा सस्ता टमाटर, गिरती कीमत से हो रहा नुकसान

Photo : iStock

Tomato Prices: ओडिशा के गंजाम जिले में टमाटर की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाजार में टमाटर 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने के बावजूद, खेती करने वालों को इसकी कीमतें तीन से पांच रुपये प्रति किलोग्राम ही मिल रही है। बुनियादी उत्पादन लागत भी वसूल न कर पाने के कारण कई किसान अपनी फसल कम दाम पर बेचने को मजबूर हो गए हैं, जबकि कुछ ने तो अपनी फसल को मवेशियों के खाने के लिए ही छोड़ दिया है।

3 रुपये में बेचना पड़ा टमाटर

गंजाम ब्लॉक के सत्रुसल गांव के टमाटर उत्पादक सुरथ पाहन ने कहा, ‘‘ पिछले तीन महीनों से फसल पर इतना समय और पैसा खर्च करने के बाद हम कटाई पर खर्च की गई मजदूरी भी नहीं वसूल पा रहे हैं।’’ पाहन ने शुक्रवार को तीन रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से करीब 15 क्विंटल टमाटर बेचे। एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती करने वाले पाहन ने कहा, ‘‘ हमारे इलाके में कुछ किसानों ने व्यापारियों द्वारा मात्र दो रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत दिए जाने के बाद अपनी फसल ही छोड़ दी।’’

कीमत में आई भारी गिरावट

मठ मुकुंदपुर गांव के दया प्रधान ने बताया, ‘‘ लाभ की बात तो भूल ही जाएं हम बीज, खाद, कीटनाशक और परिवहन पर होने वाले बुनियादी खर्च भी नहीं निकाल पाते।’’ शत्रुसोला गांव के किसान उपेंद्र पोलाई ने कहा, ‘‘ इतने कम दाम पर टमाटर बेचने के बजाय, मैंने फसल को अपने मवेशियों को खिलाने का फैसला किया।’’ बागवानी विभाग के उप निदेशक कांड जेना ने बताया कि पिछले सप्ताह जिले में टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस साल अत्यधिक फसल की वजह से कीमतों में गिरावट आई है।’’

क्या है कीमत में गिरावट की वजह

कम अवधि की मौसमी फसल होने की वजह से कई किसानों ने टमाटर की खेती की जिसके कारण आपूर्ति अधिक हो गई और कीमत में गिरावट आई। जेना ने कहा, ‘‘ गंजाम में इस सत्र में करीब 1,500 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई।’’ किसान नेता एवं जिला परिषद के पूर्व सदस्य ब्रुन्दाबन खतेई ने कहा कि जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और ‘कोल्ड स्टोरेज’ की कमी के कारण टमाटर उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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