Sugar export: खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने मंगलवार को कहा कि इस वर्ष गन्ने की फसल के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और इससे बेहतर उत्पादन की संभावना है। उन्होंने चीनी उद्योग के समक्ष एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल अपने संयंत्रों से निर्यात करने की इच्छुक मिलों को निर्यात कोटा आवंटित करने के मुद्दे पर उद्योग संगठनों को आपसी आम सहमति बनानी चाहिए।
उद्योग से सुझाव और सहमति की अपेक्षा
चोपड़ा ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि हमने उद्योग जगत से उनके विचार मांगे हैं। उन्हें आपस में आम सहमति बनाकर हमारे पास आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी संगठन की ओर से प्रतिक्रिया नहीं मिली है। मैं यह नहीं कह सकता कि आम सहमति नहीं है, लेकिन जब तक हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, हम इस पर ठोस कदम नहीं उठा सकते। सरकार सभी बिंदुओं पर विचार कर एक व्यापक और संतुलित नीति अपनाना चाहती है।
वर्तमान निर्यात नीति और समस्याएं
इस समय चीनी का निर्यात सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है और मिलों को पूर्व उत्पादन के आधार पर आनुपातिक कोटा आवंटित किया जाता है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने हाल ही में इस प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि इससे बड़ी मात्रा में चीनी निर्यात नहीं हो पाता है। विशेष रूप से वे मिलें जो निर्यात नहीं कर पातीं, वे अपना कोटा अन्य मिलों को बेचने की अनुमति प्राप्त कर लेती हैं, जिससे असमानता उत्पन्न होती है। सरकार इस विषय पर उद्योग की आम राय का इंतजार कर रही है ताकि भविष्य की निर्यात नीति को और अधिक व्यावहारिक बनाया जा सके।
