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Makhana: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक, लिए गए किसानों के हितों में बड़े फैसले

Makhana: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक में केंद्रीय मखाना विकास योजना और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई। कृषि मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि देश के विभिन्न राज्यों की मखाना बीज आवश्यकताओं का संकलन किया जाएगा और किसानों को गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणित मखाना बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उत्पादन और खेती में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक में केंद्रीय मखाना विकास योजना की शुरुआत (तस्वीर-istock)

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Makhana : राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की पहली बैठक में केंद्रीय मखाना विकास योजना और इसके क्रियान्वयन की औपचारिक शुरुआत की गई। कृषि मंत्रालय में शुक्रवार को हुई इस बैठक में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और देश में मखाना क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि देश के विभिन्न राज्यों में मखाना किसानों की बीज जरुरतों का संकलन किया जाएगा। इसके आधार पर किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले मखाना बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इस काम की जिम्मेदारी बिहार के सबौर स्थित कृषि विश्वविद्यालय और अन्य कृषि अनुसंधान संस्थानों को सौंपी गई है।

प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक राष्ट्रीय मखाना बोर्ड ने विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों और दरभंगा स्थित राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (एनआरसी मखाना) को प्रशिक्षकों को नई तकनीकों पर प्रशिक्षण देने का काम सौंपा। इसका उद्देश्य किसानों और संबंधित अधिकारियों को मखाना खेती, प्रसंस्करण और मूल्य सीरीज की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराना है।

वार्षिक कार्य योजना की समीक्षा

बैठक में राज्यों और अनुसंधान संस्थानों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

मखाना उत्पादन और अनुसंधान को बढ़ावा

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड ने मखाना की आवश्यकता-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने, उन्नत खेती और प्रसंस्करण तकनीक विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचा स्थापित करने का निर्णय लिया। इसमें मखाना की ग्रेडिंग, ड्राइंग, पॉपिंग और पैकेजिंग जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है।

मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार

बैठक में मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, बाजार संबंध और निर्यात अवसरों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा विभिन्न घटकों के लिए बजट आवंटन को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के माध्यम से मखाना के उत्पादन और विपणन में सुधार करके किसानों और नए उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

किसानों और उद्यमियों के लिए लाभ

राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के निर्णयों में मखाना उत्पादन बढ़ाने, तकनीक हस्तांतरण, बाजार विस्तार, सब्सिडी प्रावधान, स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उपाय शामिल हैं। इससे मखाना किसानों और नए उद्यमियों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

केंद्रीय मखाना विकास योजना का महत्व

केंद्र सरकार ने इस वर्ष 15 सितंबर को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की औपचारिक शुरुआत की थी। इसके साथ ही मखाना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्रीय मखाना विकास योजना को मंजूरी दी गई। यह योजना वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक कुल 476.03 करोड़ रुपये की लागत से संचालित की जाएगी।

योजना के प्रमुख लक्ष्य

केंद्रीय मखाना विकास योजना के तहत अनुसंधान, बीज उत्पादन, किसानों की क्षमता वृद्धि, कटाई और प्रसंस्करण तकनीक, मूल्य संवर्धन, विपणन और निर्यात को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इससे मखाना उद्योग में गुणवत्ता, उत्पादन और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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