कृषि

मशीनों से होने वाली बुवाई, कटाई और थ्रेसिंग के लिए रेट तय, अब छोटे किसानों से नहीं होगी मनमानी

Kisan ki Khabren: हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग ने छोटे किसानों से मनमानी वसूली रोकने के लिए हमीरपुर जिले में बुवाई, कटाई और थ्रेसिंग की निश्चित दरें तय की हैं। उपनिदेशक शशिपाल अत्री के अनुसार, छोटे किसानों की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने ट्रैक्टर से होने वाली बुवाई सहित विभिन्न कृषि कार्यों की दरें निर्धारित करने का फैसला लिया है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

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मनमानी वसूली पर लगाम: हमीरपुर में कृषि कार्यों की दरें फिक्स (तस्वीर-istock)

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Kisan ki Khabren: हमीरपुर जिले में किसानों की परेशानियों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब ट्रैक्टर, पावर टिलर और अन्य मशीनों से होने वाली बुवाई, कटाई और थ्रेसिंग के लिए निश्चित दरें तय कर दी गई हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि छोटे किसानों ने मशीन मालिकों द्वारा मनमानी कीमत वसूलने की शिकायतें बार-बार की थीं।

किसानों की शिकायतें और प्रशासन की कार्रवाई

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक कृषि विभाग के उपनिदेशक शशिपाल अत्री ने बताया कि जिले के कई इलाकों में ट्रैक्टर और अलग-अलग कृषि उपकरणों के मालिक जरूरत से ज्यादा दाम वसूल रहे थे। किसान मजबूरी में इन ऊंची कीमतों को देने को मजबूर थे। इसी कारण जिला प्रशासन ने दखल देते हुए अलग-अलग कृषि कार्यों की तय दरें जारी कर दीं। अब मशीन मालिक निर्धारित राशि से ज्यादा वसूली नहीं कर सकेंगे। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

नई तय दरें, किसानों को मिली राहत

नई दरें प्रति घंटा के हिसाब से तय की गई हैं, ताकि किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। तय की गई दरें इस प्रकार हैं:-

  • ट्रैक्टर से जुताई और बुवाई – 1,200 रुपये प्रति घंटा
  • रोटावेटर से जुताई – 1,320 रुपये प्रति घंटा
  • कटाई और थ्रेसिंग – 1,320 रुपये प्रति घंटा
  • पावर टिलर से बुवाई – 500 रुपये प्रति घंटा
  • रीपर से कटाई – 1,300 रुपये प्रति घंटा
  • ब्रश कटर से कटाई – 400 रुपये प्रति घंटा
थ्रेसिंग वह प्रक्रिया है जिसमें फसल के भूसे या तिनकों से अनाज अलग किया जाता है। यह फसल तैयार होने के बाद की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है।

पहले कितनी मनमानी वसूली हो रही थी?

इन नई दरों के लागू होने से पहले मशीन मालिक काफी ज्यादा रकम वसूल रहे थे। उदाहरण के तौर पर

  • ट्रैक्टर से जुताई व बुवाई – 2,000 रुपये प्रति घंटा तक
  • पावर टिलर से बुवाई – 1,500 रुपये प्रति घंटा
  • ब्रश कटर से कटाई – 600 रुपये प्रति घंटा तक
इस तरह की मनमानी वसूली से किसानों, खासकर छोटे किसानों पर भारी बोझ पड़ रहा था। नई दरें लगने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि कार्यों की लागत कम होगी।

मशीन मालिकों के लिए स्पष्ट चेतावनी

कृषि विभाग ने साफ कहा है कि अब कोई भी मशीन मालिक तय दरों से ज्यादा पैसा नहीं ले सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस फैसले का उद्देश्य छोटे किसानों को आर्थिक रूप से राहत देना और कृषि कार्यों में पारदर्शिता लाना है। यह कदम जिले में किसानों की मदद करेगा और कृषि कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित और सस्ता बनाएगा।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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