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Farmer Loan: किसानों के लिए बनेगा 1000 करोड़ का लोन गारंटी फंड, e-NWR के बदले पैसा जुटाना होगा आसान

Farmer Loan: नए लोन गारंटी फंड का उद्देश्य ऋण जोखिम का ध्यान रखना और ई-एनडब्ल्यूआर को गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज को मौजूदा स्तर से अगले 10 वर्षों में 1,05,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना है।

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किसानों के लिए लोन गारंटी फंड

Farmer Loan:किसानों को जल्द ही आसानी से लोन मिलेगा। सरकार इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का लोन गारंटी फंड शुरू करेगी। इससे पंजीकृत गोदामों का उपयोग करने वाले किसानों और कारोबारियों को ई-एनडब्ल्यूआर (e-NWR) के बदले पूंजी जुटाना यानी बैंकों से लोन मिलना आसान हो जाएगा। नए ऋण गारंटी कोष का उद्देश्य ऋण जोखिम का ध्यान रखना और ई-एनडब्ल्यूआर को गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज को मौजूदा स्तर से अगले 10 वर्षों में 1,05,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना है।

क्यों सरकार बना रही है फंड

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार 1,000 करोड़ रुपये का यह फंड बैंकों और दूसरे लोन देने वाली कंपनियों के लोन जोखिम का ध्यान रखेगा।उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रिसीट (ई-एनडब्ल्यूआर) के बदले वित्तपोषण का काम सरकारी प्रयासों के बावजूद संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा था। हाल ही में ‘किसान उपज निधि’ पोर्टल की शुरूआत के बावजूद ऐसा देखा जा रहा था।

सरकार का है बिग प्लान

किसान उपज निधि एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करके किसानों का समर्थन करना और लोन तक आसान पहुंच देना है।खाद्य सचिव ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 13 लाख करोड़ रुपये के ऋण में फसल कटाई के बाद का वित्तपोषण केवल 3,962 करोड़ रुपये था।उन्होंने कहा कि नए लोन गारंटी फंड का उद्देश्य ऋण जोखिम का ध्यान रखना और ई-एनडब्ल्यूआर को गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज को मौजूदा स्तर से अगले 10 वर्षों में 1,05,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2,817 करोड़ रुपये के डिजिटल कृषि मिशन और फसल विज्ञान के लिए 3,979 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 2,291 करोड़ रुपये के कार्यक्रम के साथ पशुधन के टिकाऊ स्वास्थ्य के लिए 1,702 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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