सरकार ने उठाया ऐसा कदम, अब खराब नहीं होंगे फल, सब्जियां और अन्य कृषि प्रोडक्ट्स
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Feb 14, 2026, 10:30 AM IST
Fruit, Vegetable Agriculture Products Storage Plans: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार ने फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की सुरक्षा के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से आधारभूत ढांचा तैयार किया है। इसके चलते फसलों को होने वाले नुकसान में 15 प्रतिशत तक की कमी आई है। इस पहल से किसानों की उपज का संरक्षण और भंडारण बेहतर हुआ है।
कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए सरकार ने लगाया 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश (तस्वीर-X)
Fruit, Vegetable Agriculture Products Storage Plans : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार ने फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे फसलों को होने वाले नुकसान में 5 से 15 प्रतिशत तक कमी आई है। चौहान ने बताया कि यह जानकारी उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले समय में कांग्रेस सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी।
कांग्रेस सरकार पर निशाना
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कभी कोई आधारभूत ढांचा तैयार नहीं किया। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे समझा और किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए एक लाख करोड़ रुपये की लागत से ढांचा तैयार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले 50 साल में कांग्रेस सरकारों का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर कम ही गया। उनका आरोप था कि कांग्रेस के समय किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हुई, जबकि किसान लगातार फल, सब्जियाँ और अनाज उगाते रहे।
नई कृषि संरचनाएं
मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार ने अब तक विभिन्न कृषि संरचनाओं की स्थापना की है। इनमें शामिल हैं:-
- 44,243 कस्टम हायरिंग सेंटर- किसानों को मशीनों और उपकरणों के उपयोग में मदद करने के लिए
- 25,854 प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र- फलों और सब्जियों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए
- 17,779 गोदाम- उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए
- 4,200 ग्रेडिंग इकाई- उत्पादों को आकार और गुणवत्ता के अनुसार अलग करने के लिए
- 3,549 स्मार्ट कृषि अवसंरचना- आधुनिक तकनीक पर आधारित सुविधाएं
- 2,827 शीत भंडारण केंद्र- उत्पादों को खराब होने से बचाने के लिए
चौहान ने कहा कि इन संरचनाओं की वजह से अब हमारे फलों और सब्जियों का उचित भंडारण संभव हो पाया है और किसानों को नुकसान कम होने में मदद मिली है।
किसानों का महत्व और राजनीति का उद्देश्य
कृषि मंत्री ने किसानों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता है, यानी जीवनदाता है। और यदि वह जीवनदाता है, तो वह भगवान नहीं है, लेकिन भगवान से कम भी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके जैसे भाजपा कार्यकर्ता केवल सत्ता का आनंद लेने या कुर्सी पर बैठने के लिए राजनीति नहीं करते। उनका उद्देश्य राष्ट्र के पुनर्निर्माण, समाज और किसानों के कल्याण, और आत्मनिर्भर व विकसित भारत का निर्माण करना है।
फसल सुरक्षा और नुकसान में कमी
मंत्री ने कहा कि इन नई संरचनाओं के कारण फलों और सब्जियों के नुकसान में 5 से 15 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे न केवल किसानों की उपज सुरक्षित रहती है, बल्कि उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुँचाना भी आसान हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम किसानों के हित में एक बड़ा बदलाव है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों की मेहनत और उपज का पूरा लाभ उन्हें मिले और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का सही उपयोग हो।
कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए अब मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार है। इससे किसानों का नुकसान कम हुआ है और भारत की कृषि प्रणाली अधिक सुरक्षित, आधुनिक और आत्मनिर्भर बन रही है।
