Banana Farming : किसानों की आय डबल ट्रिपल करने के लिए परंपरागत खेती से हटकर नकदी फसल की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के किसानों को केले की खेती के बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) किसानों के सब्सिडी देने की शुरुआत की। यूपी सरकार केले की प्रति हेक्टेयर खेती पर करीब 31,000 रुपये की दर से सब्सिडी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा केले की खेती के लिए सब्सिडी लाभ प्राप्त करने के लिए वेबसाइट upagriculture.com पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। किसान जनसुविधा केन्द्र, किसान लोकवाणी, साइबर कैफे आदि के जरिये से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पारदर्शी तरीके से सब्सिडी मिले इसके लिए सभी कदम उठाए गए हैं।
केले की खेती के लिए कैसे करें सब्सिडी
- केले की खेती के लिए सब्सिडी हेतु वेबसाइट upagriculture.com पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है।
- केले की खेती पर मिलने वाली सब्सिडी हेतु सभी वर्ग के किसान पात्र होंगे।
- इस सब्सिडी के लाभ हेतु सरकार द्वारा अनुसूचित जाति या जनजाति, पिछड़ी जाति एवं महिला लाभार्थियों को वरीयता दी जाती है।
- सब्सिडी स्कीम का लाभ लेने वाले पात्र लाभार्थी के पास स्वयं का सिंचाई साधन होना अनिवार्य होता है।
- आवेदन पत्र के साथ जमीन का रिकॉर्ड संलग्न करना अनिवार्य होगा।
- लाभार्थी किसान के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है।
- लाभार्थी के पास पहचान हेतु वोटर कार्ड या राशन कार्ड या आधार कार्ड या पासपोर्ट में से कोई ए होना चाहिए।
यूपी में इन जिलों में होती है केले की खेती
उत्तर प्रदेश के किसानों को केले की खेती काफी पसंद आ रहा है। प्रदेश के पूर्वांचल, अवध के इलाके में अंबेडकर नगर, बाराबंकी, प्रतापगढ़, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, महाराजगंज, अयोध्या, गोंडा, लखीमपुर बहराइच, अमेठी, कौशाम्बी और सीतापुर जिलों में केले की खेती होती है।
देश भर में इतने एकड़ में होती है केले की खेती
बिहार से सटे कुशीनगर के किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर रहे हैं। पूरे भारत में करीब 3.5 करोड़ मीट्रिक टन केले का उत्पादन होता है। देश में केले की फसल का रकबा करीब 9,61,000 हेक्टेयर है। उत्तर प्रदेश में करीब 70000 हेक्टेयर रकबे में केले की खेती हो रही है, जिससे कुल उत्पादन 3.172 लाख मीट्रिक टन और प्रति हेक्टेयर पैदावार 45.73 मीट्रिक टन है।
