रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ अपनी तस्वीर साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका यूक्रेन के साथ है और इस समर्थन से उनकी जनता को सुरक्षा और शांति की उम्मीद मिल रही है।
जेलेंस्की की ट्रंप से मुलाकात
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की सपत्नी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया से मिले। इसके बाद अपने जज्बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जाहिर किए। दावा किया कि यूक्रेन की लड़ाई में अमेरिकी राष्ट्रपति उनके साथ खड़े हैं। एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, " अमेरिका यूक्रेन के साथ खड़ा है - और हम इसे महसूस करते हैं। हम संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (एट पोटस), और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को यूक्रेनियों, हमारे बच्चों और हमारे लोगों के प्रति दिखाई जा रही फिक्र के लिए आभार जताते हैं। हम एक साथ खड़े हैं - इसका मतलब है कि जीवन सुरक्षित रहेगा और हम और ज्यादा शांत और सुरक्षित महसूस करेंगे।
UN की आलोचना
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भी जेलेंस्की ने वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में शांति और सुरक्षा का निर्धारण अब अंतरराष्ट्रीय कानून या संस्थाएं नहीं, बल्कि हथियार करते हैं। उनके मुताबिक, केवल मजबूत गठबंधन, साझेदारी और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता ही किसी राष्ट्र को बचा सकती है। जेलेंस्की ने फिलिस्तीन, सोमालिया और सूडान जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आक्रमण रोकने में विफल रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वैश्विक व्यवस्थाएं केवल बयान जारी करने तक सीमित रह गई हैं। सीरिया का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दशकों से युद्ध झेलने के बावजूद उस देश को अब भी अपनी अर्थव्यवस्था पर लगे प्रतिबंधों में ढील पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
रूस पर भड़के जेलेंस्की
अपने देश की स्थिति पर बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस का आक्रमण लगातार जारी है और हर हफ्ते निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष रूस ने जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर हमला किया था, जिससे विकिरण संकट का खतरा पैदा हुआ। इसके बावजूद रूस ने गोलाबारी रोकने से इनकार कर दिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इतनी कमजोर साबित हुईं कि इस खतरे को भी रोका नहीं जा सका। जेलेंस्की के ताजा संदेश और ट्रंप संग उनकी तस्वीर इस बात का संकेत हैं कि यूक्रेन अपने सहयोगियों पर भरोसा कर रहा है। हालांकि, युद्ध के लंबे खिंचाव और वैश्विक संस्थाओं की असफलता ने शांति की राह को और कठिन बना दिया है।
