Diamond Merchant Abducted in Mali: पश्चिम अफ्रीकी देश माली (Mali) में अप्रैल महीने में अगवा किए गए भारतीय मूल के एक बुजुर्ग हीरा कारोबारी को करीब तीन महीने बाद बंधककर्ताओं के चंगुल से रिहा करा लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, उनकी रिहाई के लिए उनके परिवार को 4 मिलियन यूरो (लगभग 44 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम फिरौती चुकानी पड़ी है। 100 करोड़ रुपये मांगी गई थी फिरौतीखबरों के मुताबिक, 75 वर्षीय हीरा व्यापारी धीरू रमानी को तीन महीने पहले माली से अगवा किया गया था, जहां उन्होंने हाल ही में एक सोने की खदान खरीदी थी और पिछले कुछ समय से वहीं रह रहे थे।
रिहाई के बदले करीब 100 करोड़ रुपये मांगे थे
अपहरणकर्ताओं ने शुरुआत में उनकी रिहाई के बदले करीब 100 करोड़ रुपये (10 मिलियन यूरो) की मांग की थी। हालांकि, अमेरिका में रहने वाले धीरू रमानी के परिवार ने अपहरणकर्ताओं के साथ बातचीत कर फिरौती की रकम को कम कराया और 4 मिलियन यूरो पर सौदा तय किया। जांच में जुटी स्थानीय पुलिस, सरकारी एजेंसियां शामिल नहींसूरत के एक उद्योग सूत्र ने बताया कि धीरू रमानी अब सुरक्षित हैं और उन्हें माली की राजधानी बमाको लाया गया है।
1980 के दशक से ही सूरत के हीरा व्यापार से जुड़े हुए
हालांकि, वह अभी माली में ही हैं, जहां स्थानीय पुलिस उनकी रिहाई और अपहरण की परिस्थितियों को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे सौदे और बातचीत को उनके अमेरिका स्थित परिवार ने अपने स्तर पर संभाला है, और इसमें किसी भी भारतीय सरकारी एजेंसी की भूमिका नहीं थी। धीरू रमानी की पृष्ठभूमिधीरू रमानी मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के धार गांव के रहने वाले हैं। वह साल 1980 के दशक से ही सूरत के हीरा व्यापार से जुड़े हुए थे। बाद में वह अमेरिका चले गए, जहां उनका पूरा परिवार अंतरराष्ट्रीय हीरा कारोबारसे जुड़ा हुआ है।
कुछ साल पहले उन्होंने अपने बिजनेस का विस्तार किया और माली के माइनिंग सेक्टर में निवेश कर एक सोने की खदान खरीदी थी, जिसके सिलसिले में वे वहीं रह रहे थे। माली में सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी अप्रैल में हुए इस कथित अपहरण के आसपास ही, माली की राजधानी बमाको में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक सामान्य सुरक्षा एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में कटि (Kati) और माली के अन्य हिस्सों में बढ़ते हमलों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, घरों के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया था। हालांकि, उस एडवाइजरी में सीधे तौर पर किसी विशेष घटना या व्यक्ति का जिक्र नहीं था।
