Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने आज रोड शो किया। इस रोड शो में सीएम सम्राट चौधरी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। रोड शो के दौरान नितिन नवीने कहा,"मैं अपने परिवार के बीच हूं। पिछले 30-40 साल से यहां के लोगों ने मुझे और मेरे परिवार को आशीर्वाद दिया है। इस सीट पर बीजेपी की सीट निश्चित है।"
उन्होंने आगे कहा, पीएम मोदी की लीडरशिप में देश का विकास हो रहा है। जनता का विश्वास है। जनता का प्यार है। बांकीपुर के लोगों विश्वास एनडीए के साथ है। मुझे उम्मीद है कि सीएम सम्राट चौधरी डबल इंजन की सराकर को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
वहीं, सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, बिहार की जनता को आप देख रहे हैं। बांकीपुर के लोग एक बार फिर कमल खिलाने जा रही है।" बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनके विधायक पद से इस्तीफा देने पर खाली हुई। इसके बाद चुनाव आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की।
इस सीट पर मुख्य उम्मीदवार
1. बीजेपी (NDA)
नीरज कुमार सिन्हा
भाजपा ने पहले अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उनका नामांकन वापस होने के बाद नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया।
2. जन सुराज
प्रशांत किशोर (PK)
सक्रिय राजनीति में आने के बाद उनका यह पहला विधानसभा चुनाव है।
3. आरजेडी (महागठबंधन)
रेखा गुप्ता
4. जन शक्ति जनता दल
वीणा मानवी
बता दें कि बांकीपुर को बीजेपी का सबसे मजबूत शहरी गढ़ माना जाता है। 1995 से लगातार इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा चार बार विधायक रहे। इसके बाद उनके बेटे नितिन नवीन लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके हैं।
बांकीपुर उपचुनाव का गणित
बांकीपुर विधानसभा सीट का मतदाता प्रोफाइल राजधानी पटना के शहरी स्वरूप को दर्शाता है। यहां शिक्षित, नौकरीपेशा, कारोबारी, पेशेवर और बड़ी संख्या में छात्र मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस सीट पर कुल 3,79,616 मतदाता हैं। इनमें 2,00,060 पुरुष, 1,79,533 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 164 भवनों में कुल 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
अगर सामाजिक समीकरण की बात करें तो बांकीपुर को लंबे समय से कायस्थ बहुल सीट माना जाता है। हालांकि, चुनावी नतीजों में केवल एक समुदाय की भूमिका नहीं होती। बनिया, ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत, मुस्लिम और अनुसूचित जाति के मतदाता भी इस सीट पर हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों की रणनीति विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित रहती है।
