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तेल कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों का असर रूसी अर्थव्यवस्था पर कितना है, 6 महीने बाद देखेंगे, ट्रंप का पुतिन को जवाब

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में चीन पर आरोप लगाया कि वह वेनेजुएला को फेंटेनाइल के पारगमन बिंदु के रूप में उपयोग कर रहा है और इस तरह अमेरिका में फेंटेनाइल की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। ट्रम्प ने कहा कि वह इस मामले को सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछेंगे।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन को जवाब दिया। तस्वीर-AP

Photo : AP

Donald Trump: रूसी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट एवं लुकोइल पर लगे प्रतिबंध की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा आलोचना किए जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को (स्थायी समयानुसार) जवाब दिया। व्हाइट ह हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि 'मुझे खुशी है कि वह इस तरह से सोचते हैं। मैं इस बारे में आप से छह महीने बाद बात करूंगा। चलिए देखते हैं कि इसका क्या असर होता है।' दरअसल, पुति ने रूसी तेल कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों को 'अव्यावहारिक कदम' बताया है और कहा है कि इससे उनके देश की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान जिनपिंग से मुलाकात करेंगे

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में चीन पर आरोप लगाया कि वह वेनेजुएला को फेंटेनाइल के पारगमन बिंदु के रूप में उपयोग कर रहा है और इस तरह अमेरिका में फेंटेनाइल की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। ट्रम्प ने कहा कि वह इस मामले को सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछेंगे जब वे 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया के बुसान में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे।

फेंटेनाइल के बारे में पूछेंगे

ट्रम्प ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिल रहा हूं... पहला सवाल जो मैं उनसे पूछूँगा, वह है फेंटेनाइल।' उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन वेनेजुएला के रास्ते अमेरिका और मैक्सिको के बंदरगाह नियंत्रणों से बचकर फेंटेनाइल भेज रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि फेंटेनाइल बेचकर चीन को अरबों डॉलर का लाभ होता है और 20 प्रतिशत टैरिफ के कारण उन्हें भारी आर्थिक घाटा हुआ है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तस्करी में शामिल पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साल के अंत तक तेल खरीदना बंद करेगा भारत-ट्रंप

वहीं, रूस से तेल खरीदे जाने पर ट्रंप ने अपना दावा दोहराया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना ‘बंद’ करने पर सहमति जतायी है और वह साल के अंत तक इसे ‘लगभग बंद’ कर देगा। इसके साथ साथ ही ट्रंप ने कहा कि यह एक प्रक्रिया है और इसमें कुछ समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह चीन को भी ऐसा करने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे। चीन और भारत रूसी कच्चे तेल के दो सबसे बड़े खरीदार हैं।

मेरी पीएम मोदी से बात हुई-ट्रंप

ट्रंप ने व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि भारत ने मुझसे कहा है कि वे (रूसी तेल खरीदना) बंद करने जा रहे हैं... यह एक प्रक्रिया है, आप बस अचानक रुक नहीं सकते... वर्ष के अंत तक, वे इसे लगभग बंद कर देंगे, यानी लगभग 40 प्रतिशत तक कम कर देंगे। भारत बहुत महान है। कल मैंने प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी से बात की। वह शानदार हैं।’’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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