टैरिफ के मुद्दे पर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। चीन ने टैरिफ लगाने पर अमेरिका के खिलाफ मुकदमा करने की धमकी दी है।चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा पर अमेरिका को धमकी दे दी है।
टैरिफ लगाने पर क्या बोला चीन
व्हाइट हाउस ने स्थानीय समय के अनुसार, 1 फरवरी को रात 8 बजे एक सूची जारी की, जिसमें घोषणा की गई कि फेंटानिल जैसे मुद्दों के कारण अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। चीन इस पर कड़ा असंतोष और दृढ़ विरोध व्यक्त करता है। चीन ने कहा कि अमेरिका द्वारा एकतरफा टैरिफ लगाना विश्व व्यापार संगठन के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इससे न केवल उसकी समस्या बढ़ेगी, बल्कि चीन और अमेरिका के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापारिक सहयोग भी बाधित होगा। अमेरिका की गलत प्रथाओं के जवाब में, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका द्वारा चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। व्हाइट हाउस ने 1 फरवरी को एक सूची जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि फेंटानिल जैसे मुद्दों के कारण चीन से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा।
चीन की धमकी
चीन ने इस निर्णय को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन बताया और अमेरिका के इस कदम को एकतरफा और अनुचित करार दिया। चीन का कहना है कि इससे न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ेगा, बल्कि यह आर्थिक सहयोग को भी प्रभावित करेगा।
चीन ने WTO में इस फैसले के खिलाफ मुकदमा दायर करने और अपने अधिकारों की रक्षा करने का भी आश्वासन दिया है। यह कदम चीन के लिए अपने व्यापारिक हितों की सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगा, और वह इसके खिलाफ उचित कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
