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कौन था नीनो गुरेरो, जिससे वेनेजुएला में अमेरिका ने मार गिराया; पढ़िए जेल से चलने वाले Tren de Aragua गैंग की कहानी

अमेरिका ने एक घातक ऑपरेशन चलाकर खतरनाक ड्रग्स कार्टेल ट्रेन डी अरागुआ (Tren de Aragua) के मुखिया हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस, उर्फ ​​"नीनो गुरेरो" (Niño Guerrero) को मार गिराया है।

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अमेरिका ने हेक्टर रुस्टनफोर्ड ग्युरेरो फ्लोर्स, उर्फ 'नीनो ग्युरेरो' को मार गिराया (फोटो- @TrumpTruthOnX)

अमेरिका ने वेनेजुएला में एक और घातक मिशन को अंजाम दिया है। इस मिशन में अमेरिका ने खतरनाक ड्रग्स कार्टेल ट्रेन डी अरागुआ (Tren de Aragua) के मुखिया हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस, उर्फ "नीनो गुरेरो" (Niño Guerrero) को मार गिराया है। ट्रंप ने खुद इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया पर दी है। नीनो गुरेरो और उसका गैंग इतना खतरनाक है कि ये अमेरिका तक में क्राइम को अंजाम दे रहा था।

कैसे मारा गया नीनो गुरेरो?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा, मेरे निर्देश पर, यूनाइटेड स्टेट्स सदर्न कमांड (United States Southern Command) ने एक घातक सैन्य ऑपरेशन चलाकर 'नीनो गुरेरो' (Niño Guerrero) को सफलतापूर्वक ढेर कर दिया है। वह इस धरती के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक, 'ट्रेन डी अरागुआ' (Tren De Aragua) का कुख्यात सरगना था। मैंने 'ट्रेन डी अरागुआ' को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित करने, हजारों दुष्ट अपराधियों को देश से निकालने और उन कार्टेल्स के खिलाफ युद्ध छेड़ने का अपना वादा पूरा किया, जो लंबे समय से हमारे नागरिकों के खिलाफ युद्ध लड़ रहे थे। यह कार्रवाई हमारे मित्र देश वेनेजुएला के साथ मिलकर और कड़े समन्वय के साथ की गई है, जिसके साथ हम बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, 'ट्रेन डी अरागुआ' के आतंकवादियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।"

कौन था नीनो गुरेरो?

हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ 'नीनो गुरेरो', लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े और खतरनाक ट्रांसनेशनल आपराधिक गिरोह 'ट्रेन डी अरागुआ' का मुख्य सरगना था। इसका जन्म 1983 में वेनेजुएला के अरागुआ प्रांत में हुआ था। साल 2000 से उसने चोरी और डकैती जैसे छोटे अपराधों से शुरुआत की और 2005 में एक पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी। साल 2018 में उसे हत्या, ड्रग तस्करी और हथियारों को छिपाने के आरोप में 17 साल की जेल हुई।

जेल के अंदर से चलाने लगा काला साम्राज्य

नीनो गुरेरो जेल के अंदर से ही अपने 'ट्रेन डी अरागुआ' गिरोह का विस्तार किया। वह तोकोरोन जेल में बंद था, लेकिन वहां उसका राज चलता था। उसके राज में जेल के अंदर स्विमिंग पूल, नाइट क्लब, बार, रेस्तरां, जुआ खेलने की जगह और एक चिड़ियाघर तक बना हुआ था। 2023 में जब सुरक्षाबलों ने जेल पर नियंत्रण बढ़ाना चाहा, तो वह एक गुप्त सुरंग के रास्ते फरार हो गया था।

अमेरिका से दुश्मनी

दिसंबर 2025 में ट्रंप प्रशासन ने मैनहट्टन की एक फेडरल कोर्ट में उस पर आतंकवाद, ड्रग तस्करी और जबरन वसूली की साजिश रचने के आरोप तय किए थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को $50 मिलियन (लगभग 41.5 करोड़ रुपये) का इनाम देने की घोषणा की थी। इसको न्यूयॉर्क की अदालत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस और वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री के साथ एक ही मामले में सह-आरोपी बनाया गया था।

ट्रेन डी अरागुआ की कहानी

ट्रेन डी अरागुआ लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा, खूंखार और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह है, जिसकी शुरुआत साल 2000 के दशक में वेनेजुएला के अरागुआ प्रांत में एक रेलवे लेबर यूनियन के रूप में हुई थी। बाद में हेक्टर नीनो गुरेरो के नेतृत्व में यह एक बेहद हिंसक सिंडिकेट में बदल गया।

वेनेजुएला के आर्थिक संकट और वहां से बड़े पैमाने पर हुए प्रवासियों के पलायन का फायदा उठाकर इस गैंग ने कोलंबिया, पेरू, चिली और अमेरिका सहित पूरे महाद्वीप में अपना जाल फैला लिया। यह संगठन मानव तस्करी, जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग , नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के व्यापार जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त है। अपनी क्रूरता और बेखौफ अंदाज के लिए बदनाम इस गिरोह को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया था, जिसके बाद जून 2026 में अमेरिकी सेना ने एक सैन्य हमले में इसके सरगना निन्यो गुएरेरो को ढेर कर दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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