US Diplomat Child Porn Allegations UK: एक तरफ भारत में BRICS चल रहा था, यानी रूस, चीन समेत कई देशों का संगम हाल ही में दिल्ली में संपन्न हुआ, इस बीच एक पिछले महीने के अंत में अमेरिकी की कार्रवाई की एक खबर दब गई, जो अब खुलकर सामने आने लगी है और अमेरिका व ब्रिटेन जैसे दो दोस्तों में बगावत के भी सुर सुनने में आ रहे हैं। मामला कुछ ऐसा है कि लंदन में अमेरिकी दूतावास में तैनात एक अमेरिकी राजनयिक को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया और चुपके से अमेरिका वापस भेज दिया गया। ऐसा कैसे हो गया, इसपर अब सवाल उठ रहे हैं। जांचकर्ताओं को उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में चाइल्ड पोर्न मटीरियल मिला था।
'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि जिस राजनयिक की पहचान उजागर नहीं की गई है, उसका संबंध अमेरिका में उसके भाई से जुड़ी एक जांच से था। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को राजनयिक के पास से बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं। मामला जैसे कि बताया अमेरिका में चल रही उसके भाई से जुड़ी जांच का था। आरोप है कि उसका भाई अमेरिका में बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री भेजने के मामले में जांच के दायरे में था, इसी जांच के दौरान अमेरिकी अधिकारियों की नजर लंदन में रह रहे उसके भाई तक पहुंची। इसके बाद ब्रिटेन में कार्रवाई की गई। जहां इसके बाद पिछले महीने के आखिर में अमेरिकी मरीन ने लंदन में राजनयिक के घर पर छापा मारा।
UK के जमीन पर अमेरिका का गलत ऑपरेशन
हालांकि, इसके बाद जो हुआ, उससे राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। खबरों के मुताबिक, ब्रिटिश पुलिस और अधिकारियों को तब जानकारी दी गई जब राजनयिक को देश से बाहर ले जाया जा चुका था। UK के अधिकारियों ने ब्रिटिश जमीन पर इस ऑपरेशन की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए।
खबरों के अनुसार, इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैन्य विमान का इस्तेमाल किया गया। 24 अगस्त को एक बोइंग 747 विमान शिकागो से ग्लूसेस्टरशायर में रॉयल एयर फोर्स बेस के लिए उड़ा, जहां अमेरिकी सेना की बड़ी मौजूदगी है।
अगले दिन विमान अमेरिका लौट आया और स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे से कुछ देर पहले डेलावेयर में डोवर एयर फोर्स बेस पर उतरा। इसके चार घंटे से भी कम समय बाद, वह शिकागो के लिए रवाना हो गया। ब्रिटिश राजनेताओं ने इस ऑपरेशन की कड़ी आलोचना की है।
अमेरिका ने किया सेना का इस्तेमाल
कंजर्वेटिव सांसद बेन ओबेसे-जेक्टी ने वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि उसने ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र को शामिल किए बिना ब्रिटेन से एक राजनयिक को हटाने के लिए अपने सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने X पर लिखा, 'ब्रिटिश जमीन पर, जहां उनका कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, अमेरिकी मरीन का छापा मारकर अपने ही एक राजनयिक को पकड़ना और फिर संदिग्ध को देश से बाहर ले जाने और अमेरिका भेजने के लिए अमेरिकी सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।'
यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली है।
ब्रिटिश सरकार क्या बोली?
UK सरकार के एक प्रवक्ता ने 'द सन' को बताया कि ब्रिटेन में विदेशी राजनयिकों से UK के कानूनों का पालन करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन उन्होंने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया क्योंकि अमेरिका में जांच अभी चल रही है।
लंदन में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उसे दूतावास में तैनात एक व्यक्ति से जुड़े आरोपों की जानकारी है और अमेरिकी कर्मचारियों से उम्मीद की जाती है कि वे आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखें।
क्यों अमेरिका राजनयिक को ऐसे ले उड़ा?
अमेरिकी राजनयिक सूत्रों ने राजनयिक को हटाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने राजनयिक प्रक्रियाओं के कारण होने वाली संभावित लंबी देरी से बचने के लिए तेजी से कार्रवाई की। खबरों के मुताबिक, यह जांच राजनयिक के अमेरिका में रहने वाले भाई की वजह से शुरू हुई थी, जिससे कथित मटीरियल मिलने की बात कही गई थी।
