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कहां तक जाएगा इजराइल और ईरान का संघर्ष? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मध्य पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए ईरान की यात्रा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों को ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है।

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ईरान पर हमले की तैयारी में इजराइल

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • ईरान पर मिसाइल हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव
  • बदले की तैयारी में इजराइल
  • कभी भी कर सकता है ईरान पर हमला

ईरान ने हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह की मौत का बदला लेने के लिए मंगलवार रात इजरायल पर करीब 180 मिसाइलें दागीं। इससे एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गए हैं। इजरायल और ईरान की पश्चिम एशिया में बादशाहत को लेकर अदावत पुरानी है, लेकिन ताजा हालात 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों द्वारा गाजा पट्टी से इजरायल के घुसकर हमला करने के बाद बने हैं। हमास के इन हमलों में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया गया।

हमास और हिज्बुल्लाह को इजराइल ने किया तबाह

इसके बाद इजरायल ने संगठित तौर पर अपने आसपास के सभी देशों और संगठनों पर हमला करके उन्हें नेस्तनाबूत करना शुरू कर दिया। जुलाई 2024 में हमास नेता इस्माइल हानिया मारा गया। पेजर अटैक से इजरायल ने हिजबुल्ला की कमर तोड़ दी। ताजा घटनाक्रम में जबुल्ला नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद ईरान काफी आक्रामक हो गया है। हालांकि वह पहले भी कई मौकों पर इजरायल पर हमले कर चुका है।

क्या बोले रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी

इजरायल, और ईरान तथा उसके समर्थित समूहों में लड़ाई कब तक चल सकती है। किन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बन सकती है, जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल्ल बख्शी ने इन सवालों के जवाब दिए। आईएएनएस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने वाला है क्योंकि हाल ही में ईरान ने इजरायल पर हमला किया और इजरायल ने इसका जवाब दिया। इजरायल लेबनान में घुसपैठ कर रहा है। युद्ध की स्थिति बनती नजर आ रही है। इसके अलावा, ईरान के समर्थक समूह जैसे हिज्बुल्लाह, हमास और हूती अपने-अपने तरीके से खेल रहे हैं और इजरायल के समर्थकों पर हमले कर रहे हैं। इसके जवाब में, अमेरिकी और अन्य सहयोगी समुद्री बेड़े भी सक्रिय हो गए हैं। इस समय क्षेत्र कई हिस्सों में बंट चुका है। एक पक्ष इजरायल के समर्थन में है और दूसरा ईरान के। आश्चर्य की बात यह है कि कुछ पारंपरिक इस्लामी देश जैसे जॉर्डन, लीबिया और सीरिया इजरायल को समर्थन दे रहे हैं। हालिया हमले में जॉर्डन और सऊदी अरब ने इजरायल की मदद की, जबकि इजरायल ने ईरान के भीतर हमला किया।”

'विश्व व्यापार पर असर'

क्षेत्र में बदलाव की बात पर वह कहते हैं, “यह पूरा परिदृश्य अब एक बड़े परिवर्तन की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन सीमा पर स्थिति बेहद संवेदनशील है। इसका असर विश्व व्यापार, परिवहन, शिपिंग, पर्यटन, और नागरिक उड्डयन पर पड़ रहा है, जो अंततः वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। इससे एक और संभावना यह बनती है कि चीन दक्षिण चीन सागर में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश करेगा, और इस संघर्ष का लाभ उठाकर फिलीपींस या ताइवान पर दबाव बना सकता है। ईरान ने हाल ही में रूस से संपर्क किया है, इसलिए यह देखना होगा कि रूस किस तरह से इस मामले में शामिल होता है। क्या वह अधिक आपूर्ति करेगा, पैसे देगा, या हथियार मुहैया कराएगा। इस समय, पूरा वातावरण एक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है, और कई लोग इसे संभावित विश्व युद्ध की दिशा में बढ़ता हुआ मान रहे हैं। अब भारत की भूमिका क्या होगी? भारत इस संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल नहीं होगा, लेकिन सभी देशों की अपेक्षा है कि भारत एक मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा या शांति का आह्वान करेगा।”

'भारत की भूमिका अहम'

उन्होंने कहा, “भारत को इजरायल और ईरान के बीच एक सुरक्षा प्रदाता के रूप में देखा जा सकता है, और यहां तक कि यूक्रेन और रूस के बीच भी उसे ऐसा ही प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह सब इस पर निर्भर करता है कि दोनों पक्ष भारत को स्वीकार करते हैं या नहीं। भारत को अब इस भूमिका को निभाने के लिए आगे आना होगा।”

IANS की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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