वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शुक्रवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कम ऊंचाई पर उड़ते कई विमानों की आवाज सुनाई दी और एक के बाद एक कम से कम सात विस्फोट हुए। स्थानीय समयानुसार यह घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। धमाकों के बाद शहर के कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर भय का माहौल नजर आया।
अमेरिका पर हमले का आरोप
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। सरकार का कहना है कि अमेरिका ने देश के कई राज्यों में सैन्य और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमला किया है। काराकस में एक सैन्य अड्डे से धुआं उठता देखा गया, जबकि राजधानी के एक अन्य सैन्य प्रतिष्ठान में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोटों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि जमीन तक कांप उठी।
अमेरिका ने कर दिया साफ, हमला हमने किया
अब अमेरिका ने साफ कर दिया है कि हमला उसी ने किया है। ट्रंप ने खुद सोशल माडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। हालांकि पहले घटना को लेकर अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं आ पाई थी। तब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने टिप्पणी के लिए व्हाइट हाउस का हवाला दिया, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रखी थी।
जब वेनेजुएला पर हुआ हमला
काराकस की रहने वाली 21 वर्षीय कार्यालय कर्मचारी कारमेन हिडाल्गो ने कांपती आवाज में बताया, “पूरी जमीन हिल गई। यह बेहद डरावना था। हमने विस्फोटों और विमानों की तेज आवाजें सुनीं।” लोगों में डर के साथ-साथ गुस्सा भी देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने एक बयान जारी कर अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। बयान में कहा गया कि बोलिवेरियन सरकार देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से लामबंदी योजनाएं सक्रिय करने और इस कथित “साम्राज्यवादी हमले” का विरोध करने की अपील करती है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाएं लागू करने के निर्देश देते हुए “बाह्य व्यवधान की स्थिति” घोषित कर दी है।
चल रही है वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनातनी
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सेना हाल के दिनों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी नौकाओं को निशाना बनाने की कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि इसी बीच वेनेजुएला ने ड्रग तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ समझौते पर बातचीत की इच्छा भी जताई थी। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पहले ही अमेरिका पर आरोप लगा चुके हैं कि वह वेनेजुएला में सरकार बदलने के लिए दबाव बना रहा है और देश के विशाल तेल भंडार तक पहुंच हासिल करना चाहता है। उनके अनुसार यह दबाव अभियान अगस्त में कैरिबियाई सागर में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैन्य तैनाती के साथ शुरू हुआ था और कई महीनों से लगातार जारी है।
