Israel Hamas War: हमास और इजराइल के बीच 7 अक्टूबर से जंग जारी है। संघर्ष हमास के हमले से शुरू हुआ और दोनों ओर से अब तक करीब 5000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच इजराइल पूरी गाजा पट्टी से हमास के अस्तित्व को मिटाना चाहता है। इसके लिए इजराइली सेना ने तीन चरणों में युद्ध की तैयारी की है। इजराइली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा है कि इजराइल को उम्मीद है कि हमास के साथ उसके युद्ध के तीन चरण होंगे। उन्होंने कहा, हमारा मकसद हमास की सरकार और उनकी सैन्य क्षमताओं को नष्ट करके उसके पूरी तरह से तबाह कर देना है।
हमास को गाजा से नेस्तनाबूत करने के लिए इजराइल ने गाजा पर फिर से बमबारी की और दक्षिणी क्षेत्र में उन स्थानों पर हमला किया जहां फलस्तीनियों को सुरक्षा के मद्देनजर जाने के लिए कहा गया था। इसके साथ ही इजराइल उत्तरी सीमा पर लेबनान के पास अपने एक बड़े शहर को खाली करा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि वह गाजा में जमीनी हमला कर सकता है। इजराइली सेना ने कहा कि उसने गाजा में हमास शासकों से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इन ठिकानों में एक सुरंग और एक हथियार डिपो भी शामिल हैं।
गाजा को लेकर क्या है इजराइल का प्लान
इजराइल के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि गाजा में आतंकवादी समूह हमास का सफाया करने के बाद, सेना की गाजा पट्टी में लोगों के जीवन को नियंत्रित करने की कोई योजना नहीं है। रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने देश के सांसदों को जानकारी देते हुए यह टिप्पणी की। यह पहली बार है जब किसी इजराइली नेता ने गाजा के लिए अपनी दीर्घकालिक योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इजराइली सेना पहले हवाई हमलों और जमीनी युद्ध के साथ गाजा में हमास के ठिकानों पर हमला करेगी, फिर प्रतिरोध के क्षेत्रों को हराने के बाद अंत में यह गाजा पट्टी में लोगों के जीवन की रक्षा की अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएगी। यहां पर एक नया तरह का शासन लागू किया जाएगा।
करीब 5 लाख महिलाएं विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र महिला के अनुमान के अनुसार, गाजा में चल रहे संघर्ष में लगभग 4 लाख 93 हजार महिलाएं और लड़कियां अपने घरों से विस्थापित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, हिंसा के कारण लगभग 900 महिलाएं विधवा हो गईं। 7 अक्टूबर को इज़राइल पर हमास के हमले और उसके बाद गाजा पर इजरायली हमलों के बाद, संयुक्त राष्ट्र महिला ने महिलाओं, पुरुषों, लड़कों और लड़कियों पर प्रभाव का विश्लेषण किया है। यदि युद्धविराम नहीं हुआ तो ये संख्या बढ़ती रहेगी।
(एजेंसी इनपुट)
