Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग ) 17 सितंबर 2026 : 17 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि शुरू होगी। अनुराधा नक्षत्र शाम करीब 7:50 बजे तक रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। आज विष्कंभ योग दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा, इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा। चंद्रमा आज वृश्चिक राशि में रहेंगे। 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति भी मनाई जाएगी।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 06:07 बजे और सूर्यास्त शाम 06:24 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 11:57 बजे और चन्द्रास्त रात 10:07 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि शुरू होगी, जो अगले दिन तक रहेगी। अनुराधा नक्षत्र शाम 07:50 बजे तक रहेगा। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो आज विष्कंभ योग दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। इसके बाद प्रीति योग शुरू होगा।
करण (Karan)
तैतिल करण सुबह 10:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद गर करण शुरू होगा। गर करण के बाद वणिज करण रहेगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज गुरुवार है और शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष चल रहा है। सुबह 10:47 बजे के बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 चल रहा है। चन्द्र मास भाद्रपद है। पूर्णिमान्त और अमान्त दोनों गणनाओं में भाद्रपद मास का उल्लेख मिलता है।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित हैं। चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र में रहेंगे और शाम के बाद ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। अनुराधा नक्षत्र के चरणों की बात करें तो आज चंद्रमा अनुराधा के चरणों से होते हुए शाम करीब 07:50 बजे ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक गणना में वर्षा ऋतु का उल्लेख मिलता है। दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान करीब 12 घंटे 17 मिनट और रात्रिमान करीब 11 घंटे 43 मिनट रहेगा। मध्याह्न लगभग 12:15 बजे होगा।
17 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:33 बजे से 05:20 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:56 बजे से 06:07 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:18 बजे से 03:07 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:24 बजे से 06:47 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:24 बजे से 07:34 बजे तक
अमृत काल: सुबह 08:20 बजे से 10:06 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:52 बजे से 12:39 बजे तक
रवि योग: सुबह 06:07 बजे से शाम करीब 07:50 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:07 बजे से शाम करीब 07:50 बजे तक।
17 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: दोपहर 01:48 बजे से 03:20 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 06:07 बजे से 07:39 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 09:11 बजे से 10:43 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर के आसपास अल्प अवधि में रहेगा।
वर्ज्य: अनुराधा नक्षत्र के अनुसार वर्ज्य काल भी विचारणीय रहेगा।
गण्ड मूल: ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होने के बाद गण्ड मूल की गणना लागू होगी।
आडल योग: कुछ पंचांग गणनाओं में नक्षत्र परिवर्तन के बाद आडल योग का उल्लेख मिलता है।
विडाल योग: दिन के नक्षत्र परिवर्तन के आधार पर विडाल योग की गणना की जाती है।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में आज वर्धमान योग का प्रभाव नक्षत्र परिवर्तन तक माना गया है। इसके बाद अगले योग की गणना होगी।
तमिल योग की गणना में भी नक्षत्र के परिवर्तन के साथ योग परिवर्तन होगा।
जीवनम: अर्ध जीवन की स्थिति रहेगी।
नेत्रम: पंचांग गणना के अनुसार नेत्र संबंधी स्थिति रहेगी।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति: आज की गणना के अनुसार संबंधित ग्रह का प्रभाव रहेगा।
दिशा शूल: दक्षिण दिशा में रहेगा।
चन्द्र वास: उत्तर दिशा में रहेगा।
अग्निवास: आज की तिथि और करण के अनुसार इसकी गणना की जाएगी।
राहु वास: पंचांग गणना के अनुसार दिशा निर्धारित होगी।
कुम्भ चक्र: आज की नक्षत्र स्थिति के अनुसार कुम्भ चक्र की गणना होगी।
भद्रावास: आज षष्ठी तिथि के दौरान विष्टि करण नहीं होने के कारण दिन के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।
शिववास: तिथि और करण के अनुसार शिववास की स्थिति रहेगी।
आज के प्रमुख पर्व
विश्वकर्मा पूजा: 17 सितंबर 2026 को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। यह दिन मशीन, औजार, निर्माण, इंजीनियरिंग, शिल्प और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के लिए विशेष माना जाता है।
कन्या संक्रांति: आज सूर्य सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध पंचांग गणनाओं के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग शहर, स्थान और पंचांग पद्धति के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि एवं मुहूर्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है। विशेष पूजा या धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता दें। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
