US-Iran WAR: ईरान से अमेरिका और इजरायल का युद्ध जारी है। इस बीच एक ईरानी अंग्रेजी दैनिक ने शनिवार को एक कड़ी चेतावनी जारी की। यह चेतावनी उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका मध्य-पूर्व में 10,000 अतिरिक्त जमीनी सैनिक तैनात करने पर विचार कर रहा है।
'तेहरान टाइम्स' ने अपने पहले पन्ने पर विमान में चढ़ते सैनिकों की एक तस्वीर छापी, जिसके साथ शीर्षक था 'नरक में आपका स्वागत है'। इसके नीचे एक संदेश भी लिखा था जिसमें कहा गया था कि ईरानी जमीन पर कदम रखने वाले अमेरिकी सैनिक 'वहां से सिर्फ ताबूत में ही बाहर निकलेंगे।'
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के हवाले से 'द जेरूसलम पोस्ट' में छपी रिपोर्टों के अनुसार, यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित तैनाती में पैदल सेना, बख्तरबंद टुकड़ियां और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कुछ हिस्से शामिल होने की उम्मीद है। यह डिवीजन पहले से ही इस क्षेत्र में तैनात है। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि ये अतिरिक्त सैनिक कहां तैनात किए जाएंगे।
अमेरिका का क्या है मकसद?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का मकसद ईरान की रणनीतिक संपत्तियों को सुरक्षित करना या उनका मुकाबला करना हो सकता है; इनमें खर्ग द्वीप भी शामिल है, जो ईरान के तेल निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है।
बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सैन्य अभियानों में संभावित विराम का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों को सात दिनों के लिए रोकने का अनुरोध किया था। उन्होंने आगे बताया कि इस समय-सीमा को बढ़ाकर 10 दिन कर दिया गया है, जो 6 अप्रैल तक जारी रहेगा।
इस बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों को अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के खिलाफ चेतावनी दी, और उनसे आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न होने दें।
