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'आज हम युद्ध जैसी परिस्थितियों में जी रहे...', UN में श्री श्री रविशंकर ने आंतरिक शांति के लिए ध्यान की जरूरत पर दिया जोर

World Meditation Day 2025: अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (UN) में आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने विश्व ध्यान दिवस 2025 की पूर्वसंध्या पर आयोजित एक सत्र को संबोधित किया, जो भीतर से दुनिया को ठीक करना (Healing the World from Within) विषय पर आधारित थी।

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आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर

Photo : Times Now Digital

World Meditation Day 2025: अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (UN) में आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने विश्व ध्यान दिवस 2025 की पूर्वसंध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में राजनयिक, राजदूत, यूएन अधिकारी और समुदायिक नेताओं ने हिस्सा लिया और कार्यक्रम आंतरिक कल्याण, मन की शांति और सामूहिक संतुलन पर केंद्रित रहा।

श्री श्री रविशंकर ने क्या कुछ कहा?

संयुक्त राष्ट्र की सभा भीतर से दुनिया को ठीक करना (Healing the World from Within) विषय पर आधारित थी। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए श्री श्री रविशंकर ने कहा, ''यूक्रेन में 8,000 लोगों ने ध्यान किया और उनका मन शांत हुआ, जिनमें कई सैनिक भी शामिल थे, जिन्हें उस वक्त अपने भीतर गहरे अंधेरे का एहसास हो रहा था, कोई उम्मीद नहीं थी। वे उदास थे और सो नहीं पा रहे थे। ध्यान ने उन्हें फिर से हौसला और ऊर्जा दी।''

श्री श्री रविशंकर ने आगे कहा कि आज हम ऐसी परिस्थितियों में जी रहे हैं, जो किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं हैं, जहां सामाजिक समस्याएं और टकराव लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे हालात में अपने भीतर झांकना और आंतरिक शांति की ओर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

ध्यान सत्र का आयोजन

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में सभा में उपस्थित गणमान्यों ने ध्यान लगाया। जिसके बाद इस अनुभव को वहां मौजूद लोगों ने गहरी शांति और संतुलन देने वाला बताया। यह सत्र पिछले विश्व ध्यान दिवस 2024 की याद दिलाने वाला भी था, जब श्री श्री रविशंकर ने 85 लाख से अधिक लोगों के साथ ऑनलाइन और व्यक्तिगत रूप से वैश्विक ध्यान किया था।

Gurudev Sri Sri Ravi Shankar

आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर

चार दशकों से ज्यादा का वैश्विक योगदान

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर चार दशकों से अधिक समय से दुनिया के 180 से ज्यादा देशों में सक्रिय रहे हैं, जहां उनका काम मानवीय सहायता, संघर्ष समाधान, युवा नेतृत्व और मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। शरणार्थी शिविरों और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से लेकर वैश्विक संस्थानों और सामुदायिक स्थानों तक श्री श्री रविशंकर ने हमेशा तनावमुक्त और हिंसामुक्त समाज की कल्पना को आगे बढ़ाया है। उनका मानना है कि आंतरिक शांति ही सामाजिक सौहार्द और विश्व शांति की मजबूत नींव है।

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