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सीरिया में नहीं रूक रहा संघर्ष, हालात गंभीर, सैकड़ों नागरिकों की हत्या, अंतरिम राष्ट्रपति की शांति की अपील

रविवार को सीरियाई मीडिया ने बताया कि सरकारी बलों और असद के वफ़ादारों के बीच बनियास में एक गैस पावर प्लांट में भी लड़ाई हुई। यह शहर लताकिया और टार्टस के बीच में है।

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सीरिया में जारी संघर्ष में मारे जा चुके हैं सैकड़ों लोग

Photo : AP

सीरिया में कुछ दिनों पहले जब तख्तापलट हुआ और विद्रोहियों ने सत्ता पर कब्जा जमा लिया, तब ये कहा गया कि अब सीरिया में संघर्ष का दौर खत्म हो गया है, राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर भाग गए और रूस में शरण ले लिए। तब सीरिया में अंतरिम सरकार का गठन हुआ काम होने लगा, लेकिन सालों तक सीरिया के अंदर गृह युद्ध का सामना करने वाले असद अब एक बार फिर से उठ खड़े होते दिख रहे हैं, सीरिया के अंदर असद समर्थकों और सरकारी सेना के बीच जबरदस्त संघर्ष शुरू हो गया है। जिसमें लड़ाकों के साथ-साथ आम लोग भी मारे जा रहे हैं।

सरकारी सेना पर आम लोगों की हत्या का आरोप

सीरिया के नेता अहमद शरा ने कई दिनों की हिंसक झड़पों के बाद शांति की अपील की। संकटग्रस्त देश में सीरियाई सुरक्षा बलों पर अलावी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के सैकड़ों नागरिकों की हत्या करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को पश्चिमी तट पर अलावी लोगों को निशाना बनाकर किए गए 30 'नरसंहारों' में लगभग 745 नागरिक मारे गए।

1000 से ज्यादा लोगों की मौत

सीरियाई ऑब्जर्वेटरी का कहना है कि पिछले चार दिनों में मारे गए लड़ाकों की संख्या को मिलाकर कुल मरने वालों की संख्या 1,000 से ज़्यादा हो गई है। इसमें नई इस्लामिस्ट नेतृत्व वाली सरकार से जुड़े लगभग 125 लड़ाके और असद समर्थक 148 लड़ाके शामिल हैं। वहीं एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में सीरियाई सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया कि कम से कम 200 लड़ाकों की मौत हुई है।

क्या बोली सरकार

रविवार को दमिश्क की एक मस्जिद से बोलते हुए अंतरिम राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया में वर्तमान में जो कुछ हो रहा है, वह अपेक्षित चुनौतियों के दायरे में है। हालांकि उन्होंने तटीय प्रांतों - लताकिया और टार्टस - में उनके समर्थकों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के आरोपों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की।

कैसे शुरू हुई हिंसा

हाल की हिंसा गुरुवार को सरकारी बलों पर घात लगाकर किए गए हमलों के बाद भड़की। सीरियाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने सना स्टेट न्यूज एजेंसी से कहा कि यह सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ 'विश्वासघाती हमला' था। इसके बाद से असद के वफादारों और सरकारी बलों के बीच झड़पों का सिलसिला शुरू हो गया। लड़ाई के बीच, भूमध्यसागरीय तट पर रहने वाले सैकड़ों नागरिक अपने घरों से भाग गए।

घर छोड़कर भागे लोग

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों ने लताकिया के हमीमिम में रूसी सैन्य अड्डे पर शरण ली। वहीं दर्जनों परिवार पड़ोसी लेबनान भाग गए हैं। लताकिया और टार्टस प्रांत अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के पूर्व गढ़ थे। यह दोनों प्रांत अलावी अल्पसंख्यक समुदाय से भी संबंधित हैं।अलावी, संप्रदाय शिया इस्लाम का एक हिस्सा है। अलावी लोग सीरिया की आबादी का लगभग 10% हिस्सा बनाते हैं। सीरिया एक बहुसंख्यक सुन्नी मुस्लिम है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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