दुनिया

पुतिन पूरी तरह से ठीक और फिट, क्रेमलिन ने किया रूसी राष्ट्रपति को हार्ट अटैक की खबरों का खंडन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 25, 2023, 01:07 PM IST

Vladimir Putin Health Update: मीडिया में पुतिन की तबीयत खराब होने की खबरें आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार कहा गया था कि पुतिन को हार्ट अटैक आया है और उनका इलाज चल रहा है। अब क्रेमलिन ने इन खबरों का खंडन किया है। कहा है कि पुतिन पूरी तरह से फिट हैं।

Image

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

Photo : AP

Vladimir Putin Health Update: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमी पुतिन को हार्ट अटैक की खबरों को क्रेमलिन ने सिरे से खारिज कर दिया है। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य संबंधी खबरें अफवाहों पर आधारित थीं। वे पूरी तरह से ठीक और फिट हैं। इसके साथ ही क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने उन बातों का भी खंडन किया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बॉडी डबल्स का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह की खबरों को बेतुका बताया है।

बता दें, एक दिन पहले मीडिया में पुतिन की तबीयत खराब होने की खबरें आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार कहा गया था कि पुतिन को हार्ट अटैक आया है और उनका इलाज चल रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 22 अक्टूबर की शाम को जिस वक्त पुतिन अपने बेडरूम में थे, तभी उनको कार्डियक अरेस्ट पड़ा था।

सामने आया था एक वीडियो

इस बीच एक वीडियो फुटेज भी सामने आई थी। इसमें पुतिन को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो में पुतिन की गर्दन पर एक चोट का निशान स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा था। वहीं बताया गया था कि कार्डियक अरेस्ट के बाद पुतिन फर्श पर गिर गए। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया।

लंबे समय से सामने आ रही हैं स्वास्थ्य संबंधी अटकलें

बता दें, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य के संबंध में काफी लंबे समय से कई अटकलें की जा रही हैं। बीते 7 अक्टूबर किो वे 71 साल के हो गए। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रूसी राष्ट्रपति कैंसर से पीड़ित हैं और काफी बीमार रहते हैं। इन रिपोर्ट्स में कहा गया कि पुतिन दुनिया को दिखाने के लिए बॉडी डबल का उपयोग करते हैं। हालांकि, क्रेमलिन और खुद पुतिन 2020 में इसका खंडन कर चुके हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!