रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक दावा किया है। विजय दिवस (Victory Day) परेड के बाद मीडिया से बात करते हुए पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के साथ जारी यह युद्ध अब 'अपने अंत की ओर' है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पश्चिमी देशों, विशेषकर यूरोपीय देशों और अमेरिका के 'ग्लोबलिस्ट एलीट' विंग पर युद्ध को भड़काने और यूक्रेन का इस्तेमाल रूस के खिलाफ करने का तीखा आरोप लगाया।
"यूक्रेन के हाथों हमारे खिलाफ जंग लड़ रहा है पश्चिम"
रूसी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि पश्चिम ने यूक्रेन को अपने भू-राजनीतिक हितों को साधने के लिए एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया है। पुतिन ने कहा, "वे ही हैं जो यूक्रेन के हाथों हमारे खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। उनके लिए यह बहुत सुविधाजनक है। उन्होंने ही इस संघर्ष को उकसाया और रूस के हितों की अनदेखी की।" उन्होंने नाटो (NATO) के विस्तार और यूक्रेन की यूरोपीय संघ (EU) की आकांक्षाओं को इस टकराव का मुख्य कारण बताया।
इस्तांबुल समझौते का जिक्र और ब्रिटेन-फ्रांस पर निशाना
पुतिन ने साल 2022 में इस्तांबुल में हुए उस समझौते का भी हवाला दिया, जिसके बारे में उनका दावा है कि कीव शुरू में इसे स्वीकार कर चुका था। पुतिन के अनुसार, फ्रांस और ब्रिटेन के दबाव के कारण यूक्रेन ने अंतिम समय में इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया, "राष्ट्रपति मैक्रों ने मुझसे कहा था कि यूक्रेन सिर पर बंदूक रखकर ऐसे ऐतिहासिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता। इसके बाद ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री (शो बिजनेस के प्रतिनिधि) यूक्रेन पहुंचे और उन्होंने यूक्रेन से कहा कि आप इस पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते क्योंकि यह समझौता अनुचित है।" पुतिन ने सवाल उठाया कि अगर यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने पहले ही इस पर सहमति दे दी थी, तो इसे अनुचित कैसे कहा जा सकता है?
रूस को कुचलने में विफल रहा पश्चिम
संघर्ष के पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के बीच पुतिन ने विश्वास जताया कि रूस को नष्ट करने की पश्चिमी देशों की योजना विफल रही है। उन्होंने कहा, "उन्हें उम्मीद थी कि वे रूस को कुछ ही महीनों में कुचल देंगे और रूसी राज्य को नष्ट कर देंगे, लेकिन वे इसमें असफल रहे। अब वे इस दलदल में फंस गए हैं। मुझे उम्मीद है कि यूरोप में जल्द ही ऐसी राजनीतिक ताकतें सत्ता में लौटेंगी जो बहुमत के समर्थन से रूस के साथ संबंधों को फिर से पटरी पर लाएंगी।"
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ताओं पर जोर दिया जा रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा की है। ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की दोनों इस अस्थायी संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गए हैं। यह युद्धविराम रूस के विजय दिवस समारोहों के साथ शुरू हुआ है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ की भूमिका की याद में मनाया जाता है।
