MT Jalveer Attacked: ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक पोत, एमटी जलवीर (MT Jalveer) पर हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि पोत पर भारतीय नाविक सवार थे। अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखे जाने के कारण हताहतों और नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास यह तीसरा पोत हमला है। इससे पहले, तीन दिनों के भीतर ओमान तट के पास भारतीयों को ले जा रहे दो पोतों पर लगातार हमले हुए हैं।
स्थिति पर बारीकी से नजर
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, हमें आज सुबह ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और अधिक जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई है जबकि एक अभी भी लापता है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इसकी पुष्टि की है। एफएसयूआई के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि हमले के बाद जहाज पर मौजूद संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा। उससे संपर्क करना मुश्किल हो गया। ब्योरों को अभी जांच-परखा जा रहा है।
दो नाविकों की मौत हुई-FSUI
एएनआई के साथ बातचीत में यादव ने कहा कि हम जहाज से संपर्क कायम करने में असमर्थ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'अभी जो हमारे पास ताजा जानकारी है, उसके मुताबिक दो नाविकों की मौत हो गई है जबकि चीफ इंजीनियर अभी भी लापता हैं।' यादव ने बताया कि हमले का निशाना बने तीनों नागरिक भारत के अलग-अलग राज्यों हिमाचल प्रदेश, देवरिया (उत्तर प्रदेश) और आंध्र प्रदेश से हैं।
'अमेरिका को पता था जहाज पर भारतीय हैं'
यादव ने आगे कहा कि उनका मानना है कि अमेरिकी नौसेना को इस बात की जानकारी थी कि जहाज पर भारत के नागरिक हैं। जहाज यदि उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था तो भारतीयों नागरिकों को हिरासत में लेने का विकल्प था। उन्होंने कहा कि 'मैं इस बात को मानने से इंकार करता हूं कि यूएस को जहाज पर भारतीय नागरिकों के होने की जानकारी नहीं थी। जहाज पर कितने भारतीय और विदेशी नागरिक हैं, इसकी जानकारी यूएस को न हो, मैं यह मान नहीं सकता। जहाज यदि उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था तो उनके पास उन्हें हिरासत में लेने का विकल्प था।'
