US Citizenship: भारत में अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन करने वालों के सपनों को चकनाचूर करते हुए एक नया फरमान जारी किया है। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अगर कोई अमेरिका में बच्चे को जन्म देने और नागिरकता हासिल करने के इरादे से टूरिस्ट वीजा के लिए आवेदन करता है तो वह दूतावास इसकी इजाजत नहीं देगा।
भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, ''अमेरिकी दूतावास के अधिकारी टूरिस्ट वीजा आवेदनों को अस्वीकार कर देंगे यदि उन्हें लगता है कि यात्रा का मकसद बच्चे को जन्म देना और नागरिकता हासिल करना है। इसकी अनुमति नहीं है।''
अमेरिका ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा का दायरा बढ़ाकर सभी एच-1बी व्यावसायिक कर्मचारियों और उनके एच-4 आश्रितों को भी इसमें शामिल किया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाए गए हैं जब भारत में कई आवेदकों को ऐसे ईमेल प्राप्त हुए हैं जिनमें उन्हें सूचित किया गया है कि उनकी वीजा नियुक्तियों को पुनर्निर्धारित किया गया है।
सनद रहे कि अमेरिका में अगर किसी बच्चे का जन्म होता है तो 14वें संशोधन के तहत उसे खुद-ब-खुद नागरिकता मिल जाती है। दरअसल, 14वें संशोधन के तहत, यह प्रावधान किया गया है कि सभी व्यक्ति जो संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे हैं और वहां के अधिकार क्षेत्र में रहते हैं, वे संयुक्त राज्य के नागरिक होते हैं। यह संशोधन नागरिकता के अधिकारों की रक्षा करता है और किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार देता है, चाहे वह किसी भी नस्ल, जाति या पृष्ठभूमि का हो। हालांकि, ट्रंप ने 20 जनवरी को जन्म के आधार पर नागरिकता खत्म करने के आदेश पर दस्तखत किया था।
