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Jones Act: ट्रंप का बड़ा कदम! ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए 'जोन्स एक्ट' में दी छूट

Jones Act Waiver: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए जोन्स एक्ट में छूट दी। यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

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'जोन्स एक्ट' में छूट

ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को जोन्स एक्ट के शिपिंग नियमों में 60 दिनों की छूट (Jones Act Waiver) देने की घोषणा की। इसका मकसद ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आई रुकावटों से निपटने के लिए ईंधन और उर्वरक की डिलीवरी को आसान बनाना है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह छूट देने का फैसला तेल बाजार में अल्पकालिक रुकावटों को कम करने की दिशा में एक कदम है, क्योंकि अमेरिकी सेना 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के लक्ष्यों को पूरा करने में लगी हुई है।

लेविट ने कहा कि इस कदम से तेल, प्राकृतिक गैस, उर्वरक और कोयले जैसे ज़रूरी संसाधन 60 दिनों तक बिना किसी रुकावट केUS के बंदरगाहों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन अहम सप्लाई चेन को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा की ऊंची कीमतों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके साथी रिपब्लिकन के लिए राजनीतिक जोखिम पैदा हो गया है, जिन्होंने यह तर्क दिया था कि उनकी नीतियां अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ईंधन को किफायती बनाए रखेंगी।

अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों की शुरुआत के बाद से, अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं; इसकी वजह यह है कि इस संघर्ष के कारण 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' (Strait of Hormuz) प्रभावी रूप से बंद हो गया है, जो दुनिया भर में तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की कुल सप्लाई के लगभग पांचवें हिस्से का मुख्य रास्ता है। इस संघर्ष ने उर्वरकों की सप्लाई को भी बाधित किया है, जो अमेरिका के कृषि हितों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

जिनका ज़्यादातर मालिकाना हक US के पास हो

जोन्स एक्ट के तहत, US के बंदरगाहों के बीच भेजे जाने वाले सामान को ऐसे जहाजों पर ले जाना ज़रूरी है जो US में बने हों, जिन पर US का झंडा लगा हो और जिनका ज़्यादातर मालिकाना हक US के पास हो। इस नियम की वजह से घरेलू शिपमेंट के लिए उपलब्ध टैंकरों की संख्या काफ़ी कम हो जाती है।

विदेशी जहाजों को US के बंदरगाहों के बीच सामान ले जाने की अनुमति मिल जाएगी

इस नियम में कुछ समय के लिए छूट देने से विदेशी जहाजों को US के बंदरगाहों के बीच सामान ले जाने की अनुमति मिल जाएगी, जिससे शिपिंग की लागत कम हो सकती है और डिलीवरी में तेजी आ सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि पंप की कीमतों पर इसका असर शायद बहुत कम होगा।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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