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ईरान से तेल खरीदने वालों पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका! जानिए ट्रंप ने क्यों दी ये चेतावनी

परमाणु वार्ता स्थगित होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से तेल खरीदने वालों पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि ऐसे देशों को द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा, और इन देशों को आगे चलकर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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ट्रंप ने ईरान से तेल खरीदने वालों पर प्रतिबंध लगाने की दी चेतावनी।

Donald Trump Threatens Sanctions: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली वार्ता स्थगित होने के बाद ईरान से तेल खरीदने वालों पर प्रतिबंध लगाने की बृहस्पतिवार को चेतावनी दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरानी तेल, पेट्रोकैमिकल उत्पादों की खरीद अब पूरी तरह बंद की जाए।' उन्होंने कहा कि ईरान से ये उत्पाद खरीदने वाला कोई भी देश या व्यक्ति अमेरिका से कारोबार नहीं कर पाएगा।

ट्रंप ने ईरान से तेल खरीदने वालों पर प्रतिबंध लगाने की दी चेतावनी

इससे पहले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता स्थगित होने की जानकारी दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, 'रणनीतिक कारणों से हम शनिवार तीन मई को होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता को पुनर्निर्धारित कर रहे हैं।' अब तक तीन दौर की वार्ता में मध्यस्थता कर चुके अल-बुसैदी ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।

'सभी खरीद, अभी बंद होनी चाहिए...' ट्रंप ने कही ये बात

ट्रंप ने कहा कि ऐसे देशों को द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा, और इन देशों को आगे चलकर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, 'चेतावनी: ईरानी तेल, या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की सभी खरीद, अभी बंद होनी चाहिए! कोई भी देश या व्यक्ति जो ईरान से किसी भी मात्रा में तेल या पेट्रोकेमिकल्स खरीदता है, उस पर तुरंत द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।'

इसमें आगे कहा गया, 'उन्हें किसी भी तरह, आकार या रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।'

अमेरिका ने जब चीनी रिफाइनरी पर लगाए प्रतिबंध

दो सप्ताह पहले, अमेरिका ने 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी कच्चे तेल की खरीद के लिए एक चीनी रिफाइनरी, शांदोंग शेंगक्सिंग केमिकल लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाए थे। प्रतिबंधों में ईरानी तेल को चीन भेजने में शामिल कंपनियों और जहाजों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, 'संयुक्त राज्य अमेरिका आज एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी कच्चे तेल की खरीद के लिए चीन स्थित स्वतंत्र 'टीपोट' रिफाइनरी, शांदोंग शेंगक्सिंग केमिकल कंपनी लिमिटेड पर प्रतिबंध लगा रहा है।'

इसमें कहा गया है, 'राष्ट्रपति ईरान के अवैध तेल निर्यात को, जिसमें चीन को निर्यात भी शामिल है, शून्य पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के 'छाया' बेड़े के हिस्से के रूप में चीन को ईरानी तेल शिपमेंट की सुविधा प्रदान करने में शामिल कई कंपनियों और जहाजों पर भी प्रतिबंध लगा रहा है।'

ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन लगातार बढ़ा रहा है दबाव

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 4 फरवरी को राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति ज्ञापन 2 जारी किए जाने के बाद से यह चीन स्थित एक स्वतंत्र चायदानी रिफाइनरी के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका की दूसरी कार्रवाई है। इसके अलावा, बयान में कहा गया है कि ईरान पर ट्रंप प्रशासन के अधिकतम दबाव अभियान के तहत सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। जब तक ईरान अपनी अस्थिर गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए तेल राजस्व उत्पन्न करने का प्रयास करता है, तब तक संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान और प्रतिबंधों से बचने वाले उसके सभी भागीदारों को जवाबदेह ठहराएगा, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा।

अमेरिका को उम्मीद है कि 'निकट भविष्य में' होगी वार्ता

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई ने एक बयान जारी कर कहा कि वार्ता को 'ओमान के विदेश मंत्री के अनुरोध पर स्थगित किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि ईरान 'एक निष्पक्ष व स्थायी समझौते' पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बीच, अमेरिकी वार्ताकारों से परिचित एक व्यक्ति ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि अमेरिका ने रोम में होने वाली चौथे दौर की इस वार्ता में 'अपनी भागीदारी की कभी पुष्टि नहीं की।'

हालांकि, उस व्यक्ति ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि वार्ता 'निकट भविष्य में' होगी। शनिवार को रोम में वार्ता होनी थी, जहां पोप फ्रांसिस के निधन के बाद नए पोप को चुनने के लिए बुधवार को सम्मेलन होगा। ओमान की राजधानी मस्कट में दो अन्य दौर की वार्ता हो चुकी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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