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अफगानिस्तान में कितने अमेरिकी अभी भी हैं बंधक? बाइडन ने अब की रिश्तेदारों से बात

अफगानिस्तान में कम से कम तीन अमेरिकी नागरिक तालिबान के बंधक हैं। इन नागरिकों को तालिबान ने महीनों से कैद कर रखा है और ग्वांतानामो बे जेल में बंद एक कैदी को छोड़ने की मांग कर रहा है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

Photo : AP

अफगानिस्तान से भले अमेरिका 2021 में निकल गया था, लेकिन अभी भी उसके कई नागरिक तालिबान के बंधक हैं। अमेरिकी नागरिकों को तालिबान ने बंधक बना रखा है, ताकि वो उन कैदियों को छुड़ा सके जो अमेरिका की कैद में हैं। अब ऐसे ही बंधकों के परिवार वालों से जो बाइडन ने बात की है।

अफगानिस्तान में कितने अमेरिका बंधक

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन तीन अमेरिकी नागरिकों के रिश्तेदारों से बात की, जिन्हें अफगानिस्तान में तालिबान ने बंधक बना रखा है। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें वापस लाने के लिए कोई समझौता नहीं हो पाया है। रेयान कॉर्बेट, जॉर्ज ग्लेजमैन और महमूद हबीबी के परिवार के सदस्यों के साथ बाइडन की बातचीत उनके प्रशासन के अंतिम दिनों में हुई है। अधिकारी बंधकों की रिहाई को लेकर एक समझौते पर बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, जिसके तहत अमेरिका के ग्वांतानामो बे में बंद अफगानिस्तान के शेष बंदियों में से एक मोहम्मद रहीम के बदले इन अमेरिकियों को स्वदेश वापस लाया जा सके।

कहां से तालिबान ने इन अमेरिकियों को पकड़ा

कॉर्बेट 2021 में अमेरिका समर्थित अफगानिस्तान सरकार के पतन के समय अपने परिवार के साथ अफगानिस्तान में रह रहे थे। अगस्त 2022 में एक व्यापारिक यात्रा के दौरान तालिबान ने उनका अपहरण कर लिया था और अटलांटा के एक एयरलाइन मैकेनिक ग्लेजमैन को तालिबान की खुफिया सेवाओं ने दिसंबर 2022 में देश से यात्रा करते समय अगवा कर लिया था। अधिकारियों का मानना है कि तालिबान ने अब भी दोनों पुरुषों के साथ-साथ हबीबी को भी बंधक बना रखा है। हबीबी एक अफगान अमेरिकी व्यवसायी है जो काबुल स्थित एक दूरसंचार कंपनी के लिए ठेकेदार के रूप में काम करते थे और 2022 में लापता हो गए। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने कहा कि हबीबी और उनके चालक को कंपनी के 29 अन्य कर्मचारियों के साथ ले जाया गया था, लेकिन हबीबी तथा एक अन्य व्यक्ति को छोड़कर सभी को रिहा कर दिया गया।

एक नागरिक को लेकर तालिबान करते रहा है इनकार

तालिबान ने हबीबी के उनके पास होने से इनकार किया है, जिससे अमेरिकी सरकार के साथ वार्ता और समझौते को अंतिम रूप देने की संभावना जटिल हो गई है। हबीबी के भाई अहमद हबीबी के एक बयान के अनुसार, फोन पर बाइडन ने बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों से कहा कि उनका प्रशासन रहीम को तब तक नहीं छोड़ेगा, जब तक तालिबान हबीबी को रिहा नहीं कर देता। रहीम को 2008 से ग्वांतानामो में रखा गया है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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