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होर्मुज संकट के बीच US का नया दांव, समुद्र में फंसे ईरानी तेल को खरीदने की दी मंजूरी; चीन की सस्ती खरीद पर वार

ट्रंप प्रशासन अब तक करीब 440 मिलियन बैरल अतिरिक्त तेल वैश्विक बाजार में लाने की दिशा में काम कर चुका है। अमेरिका की ऊर्जा नीतियों ने घरेलू उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

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ईरान का दुबई एयरपोर्ट के पास हमला (फोटो- AP)

होर्मुज संकट के बीच अमेरिका ने एक बड़ा दांव चला है। अमेरिका ने ईरान के उन तेलों को खरीदने की अनुमति दे दी है, जो समुद्र में फंसे हैं। अमेरिका के फैसले से दो बड़े असर होंगे। पहला ईरान को तेल अन्य देश खरीद सकेंगे, दूसरी चीन को मिल रहे सस्ते तेल पर अमेरिका रोक लगा सकेगा। हालांकि इससे ईरान को सीधा फायदा होगा, जो इस समय अमेरिका के साथ ही जंग में है।

अमेरिका ने अस्थाई तौर पर हटाया प्रतिबंध

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को घोषणा की कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल की सीमित और अस्थायी बिक्री की अनुमति दी जा रही है। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को संतुलित करना और कीमतों पर दबाव कम करना है। स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह अनुमति केवल उस ईरानी तेल के लिए दी गई है, जो पहले से ही समुद्र में मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और इसके तहत नए उत्पादन या खरीद की इजाजत नहीं दी गई है।

तेल कीमतों में आएगी स्थिरता

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से करीब 140 मिलियन बैरल तेल वैश्विक बाजार में आएगा, जिससे सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में स्थिरता आएगी। बेसेंट के मुताबिक, वर्तमान में प्रतिबंधित ईरानी तेल को चीन सस्ते दामों पर जमा कर रहा है। ऐसे में इस तेल को वैश्विक बाजार के लिए खोलना एक रणनीतिक कदम है, जिससे ईरान के प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ईरान के खिलाफ आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए रखेगा। “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अमेरिका का लक्ष्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करना और बाजार में अस्थिरता को कम करना है। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ रहा है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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