Bagram Airfield: क्या अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी होने वाली है? क्या बगराम एयरबेस पर अमेरिका फिर से नियंत्रण हासिल करेगा? ऐसे बहुत से सवाल है जिनको लेकर संशय बना हुआ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर फिर से नियंत्रण हासिल करने को लेकर तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया था जब तालिबान ने अमेरिका की इस योजना को पहले ही सिरे से नकार दिया था। हालांकि, अब ट्रंप के अधिकारियों का एक बयान सामने आया है जिसमें इन विषयों पर खुलकर बातचीत की गई है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने खामा प्रेस के हवाले से बताया कि दो वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने उन अफवाहों में विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी हो रही है या बगराम एयरबेस पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया गया है, तो कभी अफगानिस्तान में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस था।
क्या अफगानिस्तान में वापसी का है इरादा?
वाशिंगटन से अलग अधिकारियों ने इन अटकलों को पूरी तरह से निराधार बताया। पेंटागन के एक सूत्र ने कहा कि कोई भी अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में नहीं है, जबकि एक वरिष्ठ राजनयिक ने पुष्टि की कि देश में सैन्य उपस्थिति फिर से स्थापित करने की कोई योजना या बातचीत नहीं है।
यह खंडन अफगान सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिय पर कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि काबुल के उत्तर में बगराम के आसपास के निवासियों को तालिबान ने जगह खाली करने को कहा है। अफगानिस्तान में इंटरनेट ब्लैकआउट और संचार व्यवस्था में गड़बड़ी के बीच इस अफवाहों ने जोर पकड़ा था।
ट्रंप के बयानों ने अफवाहों को दी हवा
ट्रंप के इन बयानों ने अफवाहों को और हवा दी जिसमें सुझाव दिया गया कि उनका प्रशासन बगराम को वापस लेने के लिए तालिबान के सात बातचीत कर सकता है। ट्रंप ने अफगानिस्तान की धरती पर अमेरिकी सैनिकों की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''हम अभी अफगानिस्तान से बातचीत कर रहे हैं और हम इसे वापस चाहते हैं। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो आपको पता चल जाएगा कि मैं क्या करने वाला हूं।
ट्रंप की गीदड़भभकी
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ में एक पोस्ट में अफगानिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने उनकी मांग नहीं मानी तो बुरी चीजें होंगी। ट्रंप ने कहा था, ''अगर अफगानिस्तान बगराम एयरबेस को इसे बनाने वालों यानी अमेरिको को वापस नहीं करता है तो बुरी चीजें होने वाली हैं।'' सनद रहे कि 2021 में अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के बाद बगराम एयरबेस तालिबान सरकार के नियंत्रण में है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने बगराम एयरबेस पर नियंत्रण वापस हासिल करने के ट्रंप के आह्वाव को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि अफगानिस्तान की एक मीटर जमीन भी अमेरिकियों को नहीं दी जाएगी।
