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रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे भारत-अमेरिका, व्हाइट हाउस में NSA डोभाल का जोरदार स्वागत

  • Written by: संजीव कुमार दुबे
  • Updated Feb 1, 2023, 10:14 AM IST

US NSA Jake Sullivan welcomes Ajit Doval : अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने इंडिया हाउस में एनएसए डोभाल, अमेरिकी सीनेटरों मार्क वार्नर एवं जॉन कोर्निन की मेजबानी की। इस बैठक में दोनों देशों के आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में चर्चा हुई।

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व्हाइट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल।

Photo : ANI

Ajit Doval : भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल वाशिंगटन में हैं। एनएसए डोभाल के साथ सचिव स्तर के अधिकारियों का एक बड़ा शिष्टमंडल भी गया है। डोभाल का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान एनएसए डोभाल की अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठकें हुई हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन ने व्हाइट हाउस में अपने भारतीय समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। डोभाल से अपनी मुलाकात के बारे में सुलविन ने कहा कि 'अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक टेक्नॉलजी एंड डिफेंस पार्टनरशिप को नई उड़ान देने के लिए हम मिल रहे हैं।'

मुलाकात पर अमेरिकी NSA ने किया ट्वीट

सुलिवन ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक टेक्नॉलजी एंड डिफेंस पार्टनरशिप में नई शुरुआत करने के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का स्वागत कर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हम साथ मिलकर अपने लोगों एवं अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर करेंगे। साथ ही हम मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आगे बढ़ना जारी रखेंगे।' डोभाल 30 जनवरी से एक फरवरी तक वाशिंगटन की अपनी आधिकारिक यात्रा पर हैं। भारतीय एनएसए के साथ उद्यमियों का एक समूह भी गया है।

आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर बातचीत

अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने इंडिया हाउस में एनएसए डोभाल, अमेरिकी सीनेटरों मार्क वार्नर एवं जॉन कोर्निन की मेजबानी की। इस बैठक में दोनों देशों के आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में चर्चा हुई। इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने तय समय में लक्ष्य हासिल करने पर सहमत हुए।

डोभाल से मिलीं उप रक्षा मंत्री हिक्स

अमेरिका की उप रक्षा मंत्री डॉ. कैथलीन हिक्स ने एनएसए डोभाल से मुलाकात कर अमेरिका-भारत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी पर चर्चा की। पेंटागन के अनुसार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नीतियों व उनके संचालन में समन्वय को गहरा करने और दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

भारतीय दूतावास ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘दोनों ने अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।’ पेंटागन के प्रवक्ता एरिक पाहोन ने बैठक के बाद एक बयान में बताया कि हिक्स ने दोहराया कि गठबंधन बनाना तथा साझेदारी करना मंत्रालय की पहली प्राथमिकता है और अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति का अभिन्न अंग भी है।

शीर्ष अंतरिक्ष अधिकारियों से मुलाकात

द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भारत और अमेरिका के शीर्ष अंतरिक्ष अधिकारियों ने यहां मुलाकात की। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने एक ट्वीट में कहा, 'भारत और अमेरिका द्विपक्षीय अंतरिक्ष साझेदारी को उच्च कक्षाओं (ऑर्बिट) में ले जाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं!' उनकी टिप्पणी मंगलवार को विदेश विभाग के ‘फोगी बॉटम’ मुख्यालय में नासा के प्रशासक बिल नेल्सन और इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ के साथ ‘भारत-अमेरिका सिविल स्पेस ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप’ (सीएसजेडब्ल्यूजी) को संबोधित करने के बाद आई है।
संजीव कुमार दुबे
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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