Ajit Doval : भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल वाशिंगटन में हैं। एनएसए डोभाल के साथ सचिव स्तर के अधिकारियों का एक बड़ा शिष्टमंडल भी गया है। डोभाल का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान एनएसए डोभाल की अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठकें हुई हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन ने व्हाइट हाउस में अपने भारतीय समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया। डोभाल से अपनी मुलाकात के बारे में सुलविन ने कहा कि 'अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक टेक्नॉलजी एंड डिफेंस पार्टनरशिप को नई उड़ान देने के लिए हम मिल रहे हैं।'
मुलाकात पर अमेरिकी NSA ने किया ट्वीट
सुलिवन ने अपने एक ट्वीट में कहा, 'यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक टेक्नॉलजी एंड डिफेंस पार्टनरशिप में नई शुरुआत करने के लिए व्हाइट हाउस में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का स्वागत कर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हम साथ मिलकर अपने लोगों एवं अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर करेंगे। साथ ही हम मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आगे बढ़ना जारी रखेंगे।' डोभाल 30 जनवरी से एक फरवरी तक वाशिंगटन की अपनी आधिकारिक यात्रा पर हैं। भारतीय एनएसए के साथ उद्यमियों का एक समूह भी गया है।आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर बातचीत
अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने इंडिया हाउस में एनएसए डोभाल, अमेरिकी सीनेटरों मार्क वार्नर एवं जॉन कोर्निन की मेजबानी की। इस बैठक में दोनों देशों के आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में चर्चा हुई। इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने तय समय में लक्ष्य हासिल करने पर सहमत हुए।डोभाल से मिलीं उप रक्षा मंत्री हिक्स
अमेरिका की उप रक्षा मंत्री डॉ. कैथलीन हिक्स ने एनएसए डोभाल से मुलाकात कर अमेरिका-भारत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी पर चर्चा की। पेंटागन के अनुसार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नीतियों व उनके संचालन में समन्वय को गहरा करने और दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।भारतीय दूतावास ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘दोनों ने अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।’ पेंटागन के प्रवक्ता एरिक पाहोन ने बैठक के बाद एक बयान में बताया कि हिक्स ने दोहराया कि गठबंधन बनाना तथा साझेदारी करना मंत्रालय की पहली प्राथमिकता है और अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति का अभिन्न अंग भी है।
