खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है। गुरुवार देर रात (स्थानीय समय) दक्षिण ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम पोर्ट (Qeshm Port) और बंदर अब्बास में कई बड़े धमाके सुने गए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इन क्षेत्रों में टार्गेटेड हमले किए हैं।
सीमित सैन्य कार्रवाई या युद्ध की वापसी?
फॉक्स न्यूज की मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा संवाददाता जेनिफर ग्रिफिन ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इन समुद्री गलियारों पर हमले किए हैं। हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि "यह युद्ध की पूर्ण शुरुआत नहीं है।" अधिकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन सीमित दायरे में था और इसे वर्तमान संघर्ष के विस्तार या मौजूदा युद्धविराम (Ceasefire) समझौते के टूटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अमेरिका का कहना है कि यह कदम मौजूदा 'डी-एस्केलेशन' के प्रयासों को प्रभावित नहीं करेगा।
ईरानी मीडिया ने दी मुठभेड़ की जानकारी
दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, केश्म के 'बहमन पियर' (Bahman Pier) पर एक बड़ा विस्फोट तब हुआ जब ईरानी सशस्त्र बल और "दुश्मन सेना" के बीच गोलीबारी हो रही थी। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि केशम द्वीप और बंदर अब्बास के पास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के सरकारी प्रसारणकर्ता IRIB ने भी पुष्टि की है कि अज्ञात हमलावर तत्वों के साथ झड़प के दौरान बहमन पियर पर विस्फोट हुआ।
रणनीतिक महत्व: हॉर्मुज जलडमरूमध्य की चाबी
ये दोनों स्थान ईरान की क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। केशम पोर्ट ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के एंट्री गेट पर स्थित है और बंदर अब्बास ईरान का प्रमुख नौसैनिक आधार और व्यापारिक केंद्र है। इन क्षेत्रों पर नियंत्रण का अर्थ है वैश्विक तेल शिपिंग मार्ग पर सीधा असर, जिससे दुनिया भर की ऊर्जा आपूर्ति जुड़ी हुई है।
