पश्चिम एशिया (West Asia) में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। युद्धविराम (सीजफायर) लागू होने के बाद भी दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई देखने को मिल रही है। अमेरिका ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए फिर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये कार्रवाई ईरान की ओर से एक पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक किए जाने के जवाब में की गई। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। बहरीन में धमाकों की खबरें सामने आई हैं, वहीं कुवैत ने भी अपने ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है।
पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
CENTCOM ने बताया कि ईरान को पहले हुए अमेरिकी हमलों के बाद सीजफायर का पालन करने का मौका दिया गया था। लेकिन शनिवार सुबह लगभग 4:30 बजे ईरान की ओर से एक आत्मघाती ड्रोन ने 'एम/टी किकू' (M/T Kiku) नामक पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस जहाज में करीब 29 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था।
अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता वाले ठिकानों पर हमला किया। CENTCOM के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह अलर्ट और कार्रवाई के लिए तैयार है।
ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान पूरी तरह भड़क गया है। ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिकार ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की संप्रभुता को निशाना बनाया है और उसे ऐसा जवाब मिलेगा जो पूरे क्षेत्र के हालात बदल देगा। उन्होंने कहा कि "हमारा सब्र अब खत्म हो चुका है और आने वाले घंटे हमारी ताकत की गवाही देंगे।"
कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की
इस बीच कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली इस समय दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है। कुवैत के जनरल स्टाफ ने बयान जारी कर कहा कि अगर लोगों को धमाकों की आवाज सुनाई देती है, तो वह एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हमलों को रोकने की कार्रवाई का परिणाम है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।
बहरीन ने भी लगाया ईरान पर आरोप
अमेरिकी हमलों के कुछ ही देर बाद खाड़ी देश बहरीन में कई धमाकों की खबरें सामने आईं। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी नुकसान का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है। इससे पहले बहरीन ने शनिवार को ईरान पर उसके क्षेत्र में कई ड्रोन दागने का आरोप लगाया। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को उसकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। मंत्रालय का कहना है कि तेहरान की ये हरकतें क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिशों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रही हैं।
ट्रंप बोले- नहीं सुधरा तो ईरान का अस्तित्व खत्म हो सकता है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज व तटीय रडार ठिकानों को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि ईरान ने फिर से सीजफायर का उल्लंघन किया। ट्रंप ने लिखा, "ईरान शायद कभी नहीं सीखेगा। अगर स्थिति ऐसे ही रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पूरी करने के लिए मजबूर होगा। यदि ऐसा हुआ तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो सकता है।"
