US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर संकट खड़ा हो चुका है। भारत सहित कई देशों में कच्चे तेल और गैस की किल्लत का डरा सता रहा है। हील ही में अमेरिका अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन का अस्थायी वेवियर दिया है। अमेरिका का उद्देश्य भारत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
अमेरिका ने क्यों दी भारत को तेल खरीदने की इजाजत?
इस मुद्दे पर बुधवार तड़के (भारतीय समयानुसार) व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को इसलिए छूट दी है क्योंकि भारत में हमारे सहयोगी देशों ने अच्छा काम किया है और पहले ही प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है।उन्होंने कहा कि ईरानियों के कारण दुनिया भर में तेल आपूर्ति में आई इस अस्थायी कमी को दूर करने के लिए, हमने उन्हें अस्थायी रूप से रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दी है। यह रूसी तेल पहले से ही समुद्र में था; यह पहले से ही पानी में था। हमारा मानना है कि इस अल्पकालिक उपाय से रूसी सरकार को फिलहाल कोई महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा।"
हम सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव कम करना चाहते: अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री स्कॉटबेसेंट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा – ‘वैश्विक तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए, ट्रेजरी डिपार्टमेंट भारतीय रिफाइनरों को रूस से तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी अनुमति दे रहा है।’
उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी है और उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा। अब डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर कमेंट करते हुए कहा है कि वे ये सिर्फ दबाव को कम करने के लिए कर रहे हैं, अमेरिका के पास बहुत तेल है। सीधे तौर पर ये कदम ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने के लिए अस्थायी उपाय है।
तेल को लेकर ट्रंप ने ईरान को क्या दी धमकी?
ट्रंप ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति को रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल (Truth Social) पर लिखा, 'यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल के प्रवाह को रोकने के लिए कोई कदम उठाया, तो अमेरिका अब तक हुए हमलों से बीस गुना ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा।'
