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US Iran War: अब ट्रंप लेंगे सबसे खतरनाक फैसला? जानें ईरान ने 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पर क्या कह दिया

US Iran War: ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट सीजफायर प्लान को “अत्यधिक और अवास्तविक” बताते हुए खारिज कर दिया है। साथ ही साफ किया कि दोनों देशों के बीच अभी तक कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।

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ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावित 15-पॉइंट प्लान को सिरे से खारिज कर दिया। AI GENERATED

US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। वहीं, ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावित 15-पॉइंट प्लान को सिरे से खारिज करते हुए इसे अवास्तविक और तर्कहीन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सिर्फ बिचौलियों के जरिए ही हो रही है। ईरान की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव के ज्यादातर बिंदुओं को मान लिया है।

ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या किया था दावा?

फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि तेहरान ने संघर्ष खत्म करने के लिए वॉशिंगटन की शर्तों पर मोटे तौर पर सहमति जता दी है। ट्रंप के अनुसार, यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत के दौरान पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया था।

ट्रंप ने कहा,“उन्होंने हमारे ज्यादातर बातें मान लिए हैं, वे क्यों नहीं मानेंगे?” साथ ही यह भी जोड़ा कि जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ेगी, अमेरिका कुछ और शर्तें भी रख सकता है।

क्या है अमेरिकी की 15 सूत्रीय प्रस्ताव?

अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव की पूरी जानकारी अभी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स में इसकी प्रमुख शर्तों और संभावित रियायतों का उल्लेख किया गया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना बताया जा रहा है।

प्रस्ताव के तहत ईरान से यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) रोकने, पहले से मौजूद संवर्धित सामग्री को सौंपने और नतान्ज़, फोर्डो व इस्फ़हान जैसे प्रमुख परमाणु केंद्रों को बंद करने की मांग की गई है। इसके साथ ही ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर पूर्ण अंतरराष्ट्रीय निगरानी की अनुमति देने के लिए भी कहा गया है।

इसके अलावा, योजना में ईरान से क्षेत्रीय संगठनों को वित्तीय और सैन्य सहायता बंद करने और मध्य-पूर्व में अपने “प्रॉक्सी मॉडल” को त्यागने की शर्त भी शामिल है। इसका सीधा असर हिज़्बुल्लाह और हूती जैसे संगठनों पर पड़ सकता है।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जाए और वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए करीब एक महीने के अस्थायी युद्धविराम की दिशा में कदम उठाए जाएं।

इसके बदले में अमेरिका ने सभी प्रकार के प्रतिबंध हटाने, निगरानी के तहत नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देने और “स्नैपबैक” प्रतिबंध व्यवस्था को समाप्त करने की पेशकश की है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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