पश्चिम एशिया में तनाव में एक के बाद एक आ रहे अड़ंगों के बीच और एक स्थायी समाधान खोजने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हाई-लेवल डिप्लोमेसी शुरू हो गई है। अमेरिकी मीडिया संस्थान 'एक्सियोस' (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत पहले दौर की तकनीकी बातचीत संपन्न हो गई है। इस दौरान लेबनान में सीजफायर बनाए रखने, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को खुला रखने और संभावित परमाणु समझौते के प्रमुख पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
लेबनान सीजफायर और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर रहा फोकस
बातचीत से जुड़े एक अमेरिकी राजनयिक के हवाले से बताया गया है कि वार्ता रविवार सुबह शुरू हुई और पूरे दिन कई प्रारूपों में चलती रही। चर्चा का एक मुख्य बिंदु लेबनान की स्थिति रही, जहां देश के दक्षिणी हिस्से पर इजरायली हमलों के बीच तनाव कम करने के तंत्र और सीजफायर पर बातचीत केंद्रित थी। इसके अलावा, वैश्विक शिपिंग और तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को लेकर भी अमेरिका ने अपनी चिंताएं सामने रखीं। हाल ही में ईरान की ओर से इस समुद्री मार्ग को बंद करने के संकेत दिए गए थे। अमेरिकी राजनयिक ने एक्सियोस को बताया कि "हमने साफ कर दिया है कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला रहे। इस मोर्चे पर हमारी अच्छी प्रगति हुई है।"
परमाणु समझौते और 14-सूत्रीय MoU पर चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाले आगामी परमाणु समझौते के "सभी तत्वों" को इस बातचीत में शामिल किया गया। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच पिछले हफ्ते हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के इम्प्लीमेंट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों देश एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, राजनीतिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर बातचीत को आगे जारी रखने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करने पर भी सहमति बनी है।
तनाव के बावजूद बैक-चैनल डिप्लोमेसी सक्रिय
इससे पहले CNN ने एक ईरानी स्रोत के हवाले से बताया था कि स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही यह वार्ता एक अस्थायी गतिरोध पर पहुंच गई थी, लेकिन यह पूरी तरह से विफल नहीं हुई है। दरअसल, रविवार को बातचीत के दौरान ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए गए कुछ बयानों और धमकियों के बाद माहौल थोड़ा जटिल हो गया था और औपचारिक बातचीत 80 मिनट बाद ही 'आंतरिक परामर्श' के लिए निलंबित कर दी गई थी। हालांकि, कूटनीतिक प्रयास पर्दे के पीछे लगातार सक्रिय रहे ताकि दोनों पक्षों को फिर से मेज पर लाया जा सके।
पहले दौर में ये हुई बातचीत
स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ईरान, अमेरिका, कतर और पाकिस्तान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता का पहला दौर सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान पक्षों ने आगे की तकनीकी चर्चाओं के लिए एक विशेष तंत्र स्थापित करने, पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया की राजनीतिक निगरानी के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित करने तथा परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और समझौते के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई। सभी पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप पर भी सहमति व्यक्त की। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शिल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक सीधा संवाद तंत्र स्थापित किया गया और लेबनान में सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने के लिए डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल बनाने पर भी सहमति बनी। तकनीकी स्तर की वार्ताएं पूरे सप्ताह बर्गेनस्टॉक में जारी रहेंगी।
