Dubai-Tel Aviv plane: दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान के हाईजैक की आशंका के बीच विमान सऊदी अरब में सुरक्षित रूप से लैंड हुआ है। शुरुआत में इस विमान के हाईजैक की खबरों ने हड़कंप मचा दिया था और इजरायली फोर्स एक्टिव हो गई थी। बाद में साफ हुआ कि कॉकपिट में पायलटों के बीच हिंसक झड़प हो गई जिससे सिग्नल एक्टिवेट हो गया और आशंका जताई गई कि विमान हाईजैक हुआ है। हालांकि, बाद में खबर आई कि मामला पायलटों के आपसी झगड़े का था और विमान को कोई खतरा नहीं है। इस विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित रूप से उतारा गया।
इजराइली वायु सेना का तुरंत एक्शन
विमान से आपातकालीन सिग्नल मिलने के बाद इजराइली वायु सेना (IAF) ने तुरंत एक्शन लेते हुए अपने फाइटर जेट्स को रवाना कर दिया था। दुबई से उड़ान भरने वाले विमान में सुरक्षा कारणों से संदिग्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अलर्ट जारी होते ही इजराइली वायु सेना ने त्वरित कार्रवाई की और विमान को एस्कॉर्ट व सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए फाइटर जेट्स हवा में तैनात कर दिए थे।इस घटना के तुरंत बाद इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे और आसपास के हवाई क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
'आपातकालीन 7700 स्क्वॉक सिग्नल' मिला
टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, दुबई-तेल अवीव उड़ान से 'आपातकालीन 7700 स्क्वॉक सिग्नल' मिलने के बाद इजरायली सैन्य जेट तुरंत हरकत में आ गए थे। इजरायली समाचार एजेंसी ने उड़ान डेटा का हवाला देते हुए बताया कि तेल अवीव जा रहे फ्लाइट के सऊदी अरब के ऊपर से लौटते समय आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी। टाइम्स ऑफ इजरायल ने सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को तुरंत भेजा गया।
विमान में 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्री सवार थे
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान में 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्री सवार थे। आपातकालीन लैंडिंग के कारण मचे हंगामे के बाद, हिब्रू मीडिया आउटलेट Ynet ने बताया कि एयरलाइन ने पुष्टि की है कि अपहरण का संकेत दो पायलटों के बीच हुई कहासुनी के कारण मिला था। यह घटना तब घटी जब विमान ने इजराइल की ओर उड़ान भरते समय संभावित गलत हस्तक्षेप का संकेत देने वाला एक कोड संक्षिप्त रूप से प्रसारित किया।
लड़ाकू विमानों को तैनात किया था
टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, इस कोड को ध्यान में रखते हुए, इजराइली अधिकारियों ने लड़ाकू विमानों को तैनात किया और एक आपातकालीन बैठक बुलाई। Ynet के अनुसार, नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी एक तत्काल सुरक्षा परामर्श बैठक बुलाई, इजराइल पुलिस ऑपरेशन डिवीजन ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक संयुक्त कमांड सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया। पुलिस आयुक्त डैनी लेवी ने भी स्थिति का आकलन किया और पत्रकारों को बताया कि वे हर स्थिति के लिए तैयार हैं। हालांकि, बाद में यह पता चला कि दो पायलटों के बीच हुई हाथापाई के कारण यह घटना एक झूठी चेतावनी थी।
