दुनिया

अमेरिकी सेना ने इराक से सैनिकों की वापसी पूरी की, 12 साल का सैन्य अभियान खत्म

अमेरिका ने 2003 में इराक पर हमला किया था और 2011 में अपने सैनिक वापस बुला लिए थे। लेकिन 2014 में आईएस के उभार और मोसुल जैसे बड़े शहरों पर उसके कब्जे के बाद अमेरिका के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना और अमेरिकी सैनिक दोबारा इराक लौटे।

Image

इराक से यूएस सैनिकों की वापसी पूरी हुई।

Photo : AP

US Iraq mission : अमेरिकी सेना ने बुधवार को घोषणा की कि उसने इराक से अपने सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है। इसके साथ ही इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह से लड़ने के लिए शुरू हुआ 12 साल लंबा सैन्य अभियान औपचारिक रूप से खत्म हो गया। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिक और उनके उपकरण उत्तरी इराक के उस आखिरी हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं, जहां वे अब तक तैनात थे।

पार्नेल ने कहा-IS को परास्त किया

पार्नेल ने कहा, 'यह पड़ाव 12 साल के उस अभियान की सफलता को दर्शाता है, जिसने इराक और पूरे क्षेत्र में आईएस को एक संगठित सैन्य खतरे के रूप में परास्त किया।" उन्होंने आगे कहा कि यह युद्धकालीन गठबंधन मिशन से इराक के नेतृत्व वाले सुरक्षा प्रयास की ओर बदलाव का संकेत है, जिसे अब दोनों देशों के बीच 'अधिक सामान्य द्विपक्षीय सुरक्षा संबंध' का समर्थन मिलेगा।

इराक पर US ने 2003 में हमला किया

अमेरिका ने 2003 में इराक पर हमला किया था और 2011 में अपने सैनिक वापस बुला लिए थे। लेकिन 2014 में आईएस के उभार और मोसुल जैसे बड़े शहरों पर उसके कब्जे के बाद अमेरिका के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना और अमेरिकी सैनिक दोबारा इराक लौटे। तब से यह मिशन इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी और हवाई सहायता देने पर केंद्रित रहा है।

यूएस सैनिकों की वापसी एक अहम घटना

अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी को इराक की संप्रभुता के लिहाज से एक अहम घटना माना जा रहा है। लंबे समय से इराक में एक वर्ग विदेशी सैन्य मौजूदगी खत्म करने की मांग करता रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद पूरा हो चुका है और अब वह इराक के साथ सैन्य तैनाती की बजाय सामान्य द्विपक्षीय रिश्तों पर ध्यान देगा।

आगे की चुनौतियां

हालांकि आईएस को संगठित सैन्य ताकत के रूप में हराने का दावा किया गया है, लेकिन इराकी सुरक्षा बलों के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि विदेशी सैनिकों की गैर-मौजूदगी में इराक अपनी सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय संतुलन को कैसे संभालता है। पश्चिम एशिया की बदलती राजनीति में इराक की भूमिका पर भी दुनिया की नजर रहेगी। पेंटागन ने फिलहाल वापसी से जुड़े अन्य ब्योरे साझा नहीं किए हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article