US India Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के साथ मजबूत होते रिश्तों की वकालत की है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका और भारत जल्द ही एक व्यापार समझौते पर आम सहमति बना लेंगे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उन्हें अपना 'एक अच्छा दोस्त' करार दिया। हालांकि, अपने चिरपरिचित अंदाज में ट्रंप ने अतीत में भारत की व्यापार नीतियों की आलोचना भी की। ट्रंप ने गुरुवार को कहा, "वर्षों तक भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका (US) का फायदा उठाया... उन्होंने हम पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए और बदले में कुछ नहीं दिया... लेकिन अब इसका बिल्कुल उल्टा है और हम भारत के साथ काफी मुनाफा कमा रहे हैं।"
ट्रंप ने आगे दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद जताते हुए कहा, "हम जल्द ही एक व्यापारिक समझौते तक पहुंच जाएंगे क्योंकि मैं आपके प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं; वह मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त हैं और हमारे बीच बेहतरीन संबंध हैं। हम दोनों की आपस में बहुत अच्छी बनती है।"
भारत समेत 60 देशों पर लगा था अतिरिक्त टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप का यह दोस्ताना बयान ऐसे समय में आया है जब मंगलवार को ही अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत सहित दुनिया की 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर 10 प्रतिशत से लेकर 12.5 प्रतिशत तक का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। अमेरिका का दावा है कि उसकी जांच में यह बात सामने आई है कि इन 60 देशों से आयात किए जाने वाले कई सामान 'जबरन श्रम' के जरिए तैयार किए जा रहे हैं।
यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के कार्यालय ने कुल 54 ऐसी अर्थव्यवस्थाओं की सूची जारी की है, जिनके बारे में उसका दावा है कि वे जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। इस सूची में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, चीन, इजरायल, जापान, कतर, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की, यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) जैसे देश शामिल हैं।
क्या है USTR का नया टैरिफ नियम?
USTR के नए नियमों के अनुसार, जिन अर्थव्यवस्थाओं में पहले से ही जबरन श्रम आयात पर किसी न किसी रूप में प्रतिबंध लागू है, या जिन्होंने व्यापार समझौतों के माध्यम से ऐसे उपायों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है, उन्हें 10 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, सूची में शामिल अन्य अर्थव्यवस्थाओं पर 12.5 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। इस प्रस्तावित कार्रवाई में एक विशेष टेक्सटाइल मैकेनिज्म भी शामिल किया गया है। इसके तहत कुछ चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले कपड़ा आयात की एक निश्चित मात्रा को कम 'धारा 301' टैरिफ दर पर अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
ट्रेड एक्ट 1974 के तहत अमेरिकी कार्रवाई
USTR के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 'ट्रेड एक्ट ऑफ 1974' की धारा 301 के तहत की जा रही है। यह कानून अमेरिका को उन देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अनुमति देता है जिनकी नीतियां और प्रथाएं जबरन श्रम से बने सामानों को रोकने में नाकाम रहती हैं, जिससे अमेरिकी वाणिज्य पर बोझ पड़ता है। अपनी जांच में USTR ने विशेष रूप से 6 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को चिन्हित किया है जो जबरन श्रम से उत्पादित सामानों के आयात पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं। इन छह प्रमुख क्षेत्रों में यूरोपीय संघ (EU), पाकिस्तान और कनाडा जैसे देश शामिल हैं।
