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ईरान की नौसेना को खत्म करके मानेगा US? अब ड्रोन कैरियर युद्धपोत को बनाया निशाना, 7वें दिन भीषण हुई जंग

यूएस सेंट्रल कमांड ने X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि 'ईरानी की पूरी नौसेना को समुद्र में डुबोने के अपने मिसन से अमेरिका पीछे नहीं हट रहा है। ईरान का एक ड्रोन करियर जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के एक युद्धपोत करियर के आकार का था, आज उसे निशाना बनाया गया। हमले के बाद इस युद्धपोत में आग लग गई।'

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ईरान के एक और युद्धपोत को यूएस ने बनाया निशाना। तस्वीर-X/@CENTCOM

US strike Iranian Drone carrier: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के शुक्रवार को सात दिन हो गए। युद्ध के दिन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, इन देशों के बीच जंग और भीषण होती जा रही है। कई मोर्चों पर लड़े जा रहे इस युद्ध में अमेरिका के निशाने पर ईरान की नौसेना है। अमेरिका ने अब ड्रोन से लदे ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि 'ईरानी की पूरी नौसेना को समुद्र में डुबोने के अपने मिसन से अमेरिका पीछे नहीं हट रहा है। ईरान का एक ड्रोन करियर जो कि द्वितीय विश्व युद्ध के एक युद्धपोत करियर के आकार का था, आज उसे निशाना बनाया गया। हमले के बाद इस युद्धपोत में आग लग गई।'

ईरान में करीब 200 लक्ष्यों को निशाना बनाया

ईरान के इस युद्धपोत को अमेरिका ने कहां निशाना बनाया है, इस पोस्ट में यह जानकारी नहीं दी गई है। पोस्ट में बताया गया है कि ड्रोन ले जाने वाला यह एक ईरानी युद्धपोत था। वीडियो में बताया गया है कि यूएस के हमले के बाद ईरानी युद्धपोत मोटे धुएं की चादर से लिपट गया। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा है कि बीते 72 घंटों में अमेरिका ने ईरान में करीब 200 लक्ष्यों को निशाना बनाया। सैन्य अधिकारी ने कहा कि इन हमलों से तेहरान की मिसाइल एवं ड्रोन हमले की क्षमताओं में भरी कमी आई है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बारे में अधिकारी ने बताया कि इस मिशन के तहत ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स एवं बुनियादी संरचनाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

खाड़ी के देशों में थम नहीं रहे ईरान के हमले

अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। वह पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों एवं खाड़ी के देशों पर हमले कर रहा है। गुरुवार को उसने कतर की राजधानी दोहा में दर्जन भर से ज्यादा हमले किए। कुवैत में उसने अमेरिकी सैन्य बेस पर पर ड्रोन से हमला किया। इस हमले के बाद अमेरिका कुवैत स्थित अपने दूतावास को खाली कराया।

श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत को डुबोया

श्रीलंका के तट के निकट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी से किये गए हमले के कारण डूबे ईरानी युद्धपोत पर कोई हथियार नहीं था। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया। उन्होंने जहाज को निशाना बनाये जाने को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। ईरानी जहाज 'आईरिस देना’ भारत द्वारा आयोजित मिलन बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था कि तभी बुधवार तड़के उस पर हमला हुआ।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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