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'इन लोगों पर नहीं लागू कर सकते 18 वीं सदी का कानून', एलियन एनिमीज एक्ट के इस्तेमाल पर ट्रंप को कोर्ट से झटका

अमेरिका की एक संघीय अदालत से ट्रंप प्रशासन को करारा झटका लगा है। एलियन एनमीज एक्ट, 1798 के इस्तेमाल के मामले में संघीय अपील अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। इसमें अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 18वीं सदी के युद्धकालीन कानून 'एलियन एनमीज एक्ट, 1798' का इस्तेमाल उन लोगों को तेजी से निर्वासित करने के लिए नहीं कर सकते जिन्हें उनकी सरकार वेनेजुएला के आपराधिक गिरोह का सदस्य बताती है।

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एलियन एनमीज एक्ट, 1798 के इस्तेमाल के मामले में संघीय अपील अदालत से ट्रंप को लगा झटका।(फोटो साभार: पीटीआई)

Photo : PTI

Donald Trump: अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 18वीं सदी के युद्धकालीन कानून का इस्तेमाल करके उन लोगों को निर्वासित नहीं सकते, जिन पर उनकी सरकार वेनेजुएला के एक गिरोह का सदस्य होने का आरोप लगाती है। इस फैसले से ट्रंप प्रशासन की एक प्रमुख पहल पर रोक लग गयी है और अब इस लड़ाई के उच्चतम न्यायालय में पहुंचने की उम्मीद है।

अमेरिका की सबसे रूढ़िवादी संघीय अदालतों में गिनी जाने वाली 5वीं सर्किट अपीलीय अदालत में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 2-1 के बहुमत से दिए फैसले में प्रवासी अधिकार कार्यकर्ताओं और निचली अदालतों की दलीलों से सहमति जतायी। दलीलों में कहा गया था कि 1798 का ‘एलियन एनिमीज़ एक्ट’ ‘ट्रेन डी अरागुआ’ जैसे गिरोहों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए नहीं बनाया गया था।

गिरोह को अल सल्वाडोर की जेल में किया गया था निर्वासित

ट्रंप प्रशासन ने इस साल मार्च में इस कानून का हवाला देते हुए वेनेजुएला के इस गिरोह के कथित सदस्यों को अल सल्वाडोर की एक कुख्यात जेल में निर्वासित करते हुए यह तर्क दिया था कि अमेरिकी अदालतें वहां से उनकी रिहाई का आदेश नहीं दे सकतीं। जुलाई में घोषित एक समझौते के तहत, निर्वासित किए गए 250 से अधिक प्रवासी वेनेजुएला लौट गए।

18वीं सदी के दौरान से हो रहा इस कानून का इस्तेमाल

इस कानून का अमेरिकी इतिहास में अब तक केवल तीन बार इस्तेमाल हुआ है और वह भी 1812 के युद्ध और दोनों विश्व युद्धों के दौरान। ट्रंप प्रशासन ने दलील दी थी कि अदालतें राष्ट्रपति के इस निर्धारण पर सवाल नहीं उठा सकतीं कि ‘ट्रेन डी अरागुआ’ गिरोह वेनेजुएला सरकार से जुड़ा हुआ है और अमेरिका के लिए खतरा है, इसलिए इस अधिनियम का इस्तेमाल उचित है।

हालांकि, अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अब इस फैसले को या तो 5वीं सर्किट अदालत में चुनौती दी जा सकती है या सीधे अमेरिकी उच्चतम न्यायालय में अपील की जा सकती है, जहां इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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