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होर्मुज में जहाज पर हमला पड़ा भारी, अमेरिका ने ईरान पर की भीषण एयरस्ट्राइक; CENTCOM ने तबाह किए ईरानी मिलिट्री ठिकाने

US Iran Conflict: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान पर जोरदार एयरस्ट्राइक की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है, वहीं जेडी वेंस ने सख्त चेतावनी जारी की है।

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मध्य पूर्व में गश्त के दौरान उड़ान भरता अमेरिकी एफ-16 फाइटर जेट (X/@CENTCOM)

US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर जोरदार जवाबी हवाई हमले किए हैं। एक दिन पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कमर्शियल मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के विरोध में ये कार्रवाई की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन करार दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे 'कड़ा और शक्तिशाली जवाब' बताया है।

ईरान के इन ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना के विमानों ने ईरान के तटीय इलाकों में स्थित मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार साइटों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। यह सैन्य कार्रवाई ठीक उस समय हुई है जब कुछ ही समय पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों के इस सवाल पर कि क्या अमेरिका इस हमले का जवाब देगा, मुस्कुराते हुए कहा था, "आपको जल्द ही पता चल जाएगा"। इसके ठीक बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा में प्रवेश कर बमबारी शुरू कर दी।

"हिंसा का जवाब हिंसा से..." - उपराष्ट्रपति वेंस की खुली चेतावनी

इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को खुली चेतावनी दे डाली। उन्होंने लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हमने इसका पालन किया है। यदि उन्हें इस बात को लेकर कोई असहमति है कि समझौता ज्ञापन कैसे लागू किया जा रहा है, तो वे फोन करके बात कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।

वहीं ईरान के सांसद और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के अध्यक्ष ने भी X पर लिखा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच में ईरान पर हमला किया है।

असफल अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखा दिया है कि उन्हें बातचीत या युद्धविराम के सिद्धांतों के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं है। युद्धविराम का यह लापरवाह उल्लंघन, हमेशा की तरह, अंततः उनकी ओर से पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा। अब दोषारोपण का खेल काम नहीं करता।

नाजुक मोड़ पर पहुंचा अंतरिम शांति समझौता

यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच के तनाव को शांत करने के लिए एक बेहद संवेदनशील और नाजुक अंतरिम शांति समझौते पर बात बनी है। इस टकराव के बाद यह आशंका बढ़ गई है कि शांति वार्ता खटाई में पड़ सकती है और पूरी दुनिया पर असर डालने वाली जंग एक बार फिर शुरू हो सकती है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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