रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। रविवार रात यूक्रेन की ओर से रूस के मॉस्को क्षेत्र पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया गया, जिसे स्थानीय प्रशासन ने इस इलाके पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया है। इस अचानक हुए हमले में एक 83 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने अपने टेलीग्राम संदेश में बताया कि हमले का मुख्य निशाना पोडॉल्स्क शहर में स्थित रूस की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी 'वाइल्डबेरीज' (Wildberries) का विशाल वेयरहाउस था। हमले के बाद पोडॉल्स्क के कलेदिनो में बने इस गोदाम से काले धुएं का भीषण गुबार उठता देखा गया। यह जगह मॉस्को से करीब 45 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: तारिक रहमान के भारत दौरे से पहले ढाका ने रखी बड़ी शर्त, कहा- शेख हसीना का प्रत्यर्पण करे भारत
कई इमारतों और गोदामों को पहुंचा नुकसान
इसके अलावा, मॉस्को के मुख्य हवाई अड्डों में से एक के पास बसे डोमोडेडोवो शहर में भी कई इमारतों और गोदामों को नुकसान पहुंचा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) ने देश भर में कुल 822 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, कई ड्रोन अपने निशानों तक पहुंचने में कामयाब रहे।
यूक्रेन का मकसद रूस के आर्थिक और व्यापारिक ढांचे को चोट पहुंचाना
यूक्रेन पिछले कुछ हफ्तों से लगातार 'वाइल्डबेरीज' के ठिकानों को निशाना बना रहा है। यूक्रेन का आरोप है कि यह ऑनलाइन रिटेल कंपनी रूसी सेना के लिए रसद और सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति में मदद कर रही है। यूक्रेन का मकसद रूस के आर्थिक और व्यापारिक ढांचे को चोट पहुंचाना है, ताकि युद्ध में मॉस्को को मिलने वाली आर्थिक मदद को कमजोर किया जा सके। इस ताजा हमले से पूरे मॉस्को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
