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इंग्लिश चैनल में ब्रिटेन का हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन,रूस के 'शैडो फ्लीट' के जहाज को हिरासत में लिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने बताया कि सशस्त्र ब्रिटिश बलों ने इंग्लिश चैनल में ‘स्मिर्टोस’ (Smyrtos) नामक जहाज पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान रूस के लिए एक और बड़ा झटका है।

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ब्रिटेन ने रूस के शैडो फ्लीट से जुडे टैंकर को लिया कब्जे में। (फोटो- AI)

रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग को चार साल से ज्यादा समय हो गया है, इस जंग को रूस पश्चिमी देशों के कई प्रतिबंध भी झेल रहा है। इस बीच, यूक्रेन जंग को लेकर उस पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करने की उसकी कोशिशें सामने आई हैं। हालांकि इन्हें लेकर ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ब्रिटिश सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए रविवार को एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को हिरासत में ले लिया। इस टैंकर के रूस की कथित “शैडो फ्लीट” से जुड़े होने का संदेह है।

रॉयल मरीन कमांडो ने की कार्रवाई

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने बताया कि सशस्त्र ब्रिटिश बलों ने इंग्लिश चैनल में ‘स्मिर्टोस’ (Smyrtos) नामक जहाज पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान में रॉयल मरीन कमांडो हेलीकॉप्टरों से रस्सियों के जरिए जहाज पर उतरे और जहाज को अपने कब्जे में लिया। मंत्रालय ने इसे ब्रिटेन के नेतृत्व में अपनी तरह का पहला अभियान बताया है।

फ्रांसीसी अधिकारियों ने भी किया सहयोग

ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि अब टैंकर को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास रोककर रखा जाएगा और उसकी गतिविधियों की जांच की जाएगी। यह कार्रवाई फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ समन्वय में की गई, जिन्होंने पहले भी रूस की 'शैडो फ्लीट'से जुड़े कई जहाजों को रोका है।

स्टार्मर ने कहा कि यह अभियान रूस के लिए एक और बड़ा झटका है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ये उन देशों के लिए खुला संदेश भी है, जो यूक्रेन के खिलाफ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं।

रूस से मिस्र जा रहा था तेल टैंकर

बता दें कि जिस टैंकर के खिलाफ कार्रवाई की गई है वो कैमरून के झंडे के तहत संचालित किया जाता था। ये बीते 5 जून को रूस के बाल्टिक बंदरगाह उस्त-लुगा से रवाना हुआ था और मिस्र के पोर्ट सईद की ओर जा रहा था।

पश्चिमी देशों का है ये मानना

पश्चिमी देशों का मानना है कि रूस सैकड़ों जहाजों के एक गुप्त नेटवर्क का उपयोग कर तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां रूस की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को कमजोर करती हैं और यूरोप की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करती हैं।

जेलेंस्की बोले- तेल के रुपयों से जंग लड़ रहा रूस

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस तेल और गैस से होने वाली आय से ही इस जंग को लड़ रहा है। ऐसे में रूस की इस आय को कम करने वाला हर कदम युद्ध की क्षमता को भी सीमित करता है। जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से न केवल ऐसे टैंकरों को रोकने, बल्कि उनके तेल को जब्त करने के लिए भी कानूनी कदम उठाने की अपील की।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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