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Trump vs Biden: जानलेवा हमले के बाद ट्रंप की पहली चुनावी रैली, विरोधियों से पूछ लिए तीखे सवाल

US Politics: डोनाल्ड ट्रंप ने खुद पर हुए जानलेवा हमले के बाद पहली चुनाव रैली को संबोधित करते हुए अपने विरोधियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा, मैंने लोकतंत्र के लिए गोली खाई। उन्होंने इशारों-इशारों में जो बाइडन पर निशाना साधते हुए पूछा कि मैंने लोकतंत्र के खिलाफ क्या किया?

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डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन ।

Photo : AP

Donald Trump vs Joe Biden: पेनसिल्वेनिया में एक कार्यक्रम में हुए जानलेवा हमले में बाल-बाल बचने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली चुनाव प्रचार रैली में आलोचकों की इन चिंताओं को खारिज किया कि वह लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और कहा कि उन्होंने 'लोकतंत्र के लिए गोली खाई।' मिशिगन में शनिवार को हुई रैली में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जे डी वेंस भी थे। ग्रैंड रैपिड्स के वैन एंडेल एरिना में ट्रंप और वेंस को देखने के लिए 12,000 से अधिक लोग इकट्ठे हुए।

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने विरोधियों से पूछा तीखा सवाल

ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा, 'वे कहते रहते हैं कि वह (ट्रंप) लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। मैं कहता हूं, 'मैंने लोकतंत्र के खिलाफ क्या किया है?' मैंने पिछले सप्ताह लोकतंत्र के लिए गोली खाई।' उन्होंने अपने हजारों समर्थकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, 'मैंने लोकतंत्र के खिलाफ क्या किया? यह पागलपन है।'

ट्रंप ने ‘परियोजना 2025’ पर भी की बात

पेनसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर एक बंदूकधारी ने कई गोलियां चलाई थीं। इस हमले में एक गोली ट्रंप के दाहिने कान को छूकर निकल गई थी, जबकि रैली में शामिल एक व्यक्ति मारा गया था और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रंप के एजेंडे का समर्थन करने के लिए अमेरिकी संघीय सरकार को नया स्वरूप देने के लक्ष्य से बनाई गई रूढ़िवादी ‘हेरिटेज फाउंडेशन’ की ‘परियोजना 2025’ पर भी बात की, जिसके बारे में उनके प्रतिद्वंद्वियों का दावा है कि यह पहल लोकतंत्र के लिए खतरा है।

प्यार और समर्थन के लिए ट्रंप ने जताया आभार

ट्रंप ने इस परियोजना से खुद को अलग करते हुए कहा, 'मैं इसके बारे में कुछ जानना नहीं चाहता, लेकिन वे गलत सूचना और भ्रामक जानकारी दे रहे हैं।' कान पर पट्टी बांधकर आए ट्रंप ने करीब दो घंटे तक भाषण दिया और ‘बटलर मेमोरियल अस्पताल’ के कर्मियों का आभार जताया, जहां उन्हें पेनसिल्वेनिया में उनकी रैली में गोलीबारी की घटना के बाद ले जाया गया था। ट्रंप ने कहा, 'मैं पिछले शनिवार की भयावह घटना के बाद अत्यंत प्यार और समर्थन के लिए देशभर के लोगों को विशेष धन्यवाद देना चाहता हूं।'

डेमोक्रेट पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी नहीं है: ट्रंप

ट्रंप ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन को चुनावी दौड़ से बाहर करने के लिए अपने ही प्राइमरी नतीजों को पलटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि आप देख रहे हैं, डेमोक्रेट पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी नहीं है। वे वास्तव में लोकतंत्र के दुश्मन हैं।' पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'हमारे नेतृत्व में रिपब्लिकन पार्टी लोगों की पार्टी है। हम हर जाति, धर्म, रंग और पंथ के मेहनती अमेरिकियों की पार्टी हैं। हम एक बहुत बड़ी पार्टी बन गए हैं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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