Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत कर रहे हैं और यह बातचीत चल रही है। पुतिन के साथ हो रही यह बातचीत लंबे समय तक चलने वाली है। बातचीत समाप्त होने के बाद रूसी राष्ट्रपति के साथ किन मुद्दों पर वार्ता हुई, उसके बारे में वह बताएंगे। बता दें कि अमेरिका से सैन्य हथियारों की आपूर्ति करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की शुक्रवार को व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं। जेलेंस्की नाटो से लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें मांग रहे हैं।
यह एक लंबी बातचीत है-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर कहा कि 'बातचीत जारी है, यह एक लंबी बातचीत है, और इसके समाप्त होने पर मैं इसकी जानकारी दूंगा, राष्ट्रपति पुतिन भी देंगे।' समझा जाता है कि जेलेंस्की से उम्मीद है कि वह ट्रंप से उन्नत हथियारों की मांग करेंगे, जिनमें लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें भी शामिल हैं। टॉमहॉक मिसाइलें मॉस्को और रूस के अन्य प्रमुख शहरों तक मार कर सकती हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि पुतिन बातचीत की मेज पर आने से इनकार करते हैं, तो वे इस तरह की आपूर्ति की अनुमति दे सकते हैं।
यूक्रेन पर रूस ने हमले तेज किए
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा और बिजली अवसंरचना पर नए हमले करने शुरू किए हैं। जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने केवल गुरुवार रात में ही 300 से अधिक ड्रोन और 37 मिसाइलें दागीं। रूसी सेनाएं इस सर्दी में गैस अवसंरचना को भी तेजी से निशाना बना रही हैं, जो युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश करने के साथ महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रणालियों पर हमले के उनके पुराने पैटर्न को जारी रखता है। ट्रंप, जिन्होंने बार-बार इस संघर्ष को समाप्त करने का वादा किया है, पुतिन के लगातार हमलों को लेकर बढ़ती नाराजगी जता रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
अलास्का के एंकारेज में मिले थे ट्रंप और पुतिन
बीते अगस्त के महीने में अलास्का के एंकारेज में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर बात की। इस बैठक से बहुत उम्मीद थी लेकिन युद्ध रोकने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। रिपोर्टों में कहा गया है कि पुतिन सीजफायर नहीं बल्कि स्थायी शांति चाहते हैं। ट्रंप एक बार फिर दोनों देशों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं।
