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अब पेंटागन हुआ 'डिपार्टमेंट ऑफ वार', नाम बदलने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर ट्रंप ने किए हस्ताक्षर

पेंटागन अमेरिका रक्षा विभाग और सेना का मुख्यालय है। इस फैसले पर ट्रंप ने मीडिया से कहा कि पेंटागन का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ वार' रखने के बारे में वह पिछले कुछ समय से रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ एवं डैन केने के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे।

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पेंटागन में अमेरिकी सेना का मुख्यालय है। तस्वीर-AP

Photo : AP

Department of War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रक्षा विभाग का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ वार' कर दिया। नाम बदलने से जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। पेंटागन अमेरिका रक्षा विभाग और सेना का मुख्यालय है। इस फैसले पर ट्रंप ने मीडिया से कहा कि पेंटागन का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ वार' रखने के बारे में वह पिछले कुछ समय से रक्षा मंत्री पीट हेगसेठ एवं डैन केने के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे।

यह नाम ज्यादा उपयुक्त-ट्रंप

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक ट्रंप ने कहा, 'हमने पहला और दूसरा विश्व युद्ध जीता। इसके पहले और बाद की लड़ाइयां हमने जीतीं। इसके बाद हमने इसका नाम डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस रखा, और अब हम इसे बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ वार' करने जा रहे हैं।' ट्रंप ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिवेश को देखते हुए यह नाम ज्यादा उपयुक्त है।

ट्रंप ने कहा-नाम बदलना जीत-ताकत का संदेश

हेगसेठ ने कहा कि 'यह केवल नाम बदलने की कवायद भर नहीं है। यह इस संस्था की महानता को बहाल करने जैसा है। शब्द मायने रखते हैं।' ट्रंप से यह पूछे जाने पर कि नाम बदलकर वह अपने सहयोगियों एवं शत्रुओं को क्या संदेश देना चाहते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि 'यह जीत और ताकत का संदेश देगा।' नाम बदलने वाले फैसले की जानकारी व्हाइट हाउस ने X पर भी दी है।

पीएम मोदी के साथ मेरी मित्रता हमेशा बनी रहेगी-ट्रंप

समाचार एजेंसी ANI द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारत के साथ रिश्ते को पहले की तरह ठीक करने जा रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा करूंगा। पीएम मोदी के साथ मेरी मित्रता हमेशा बनी रहेगी। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं लेकिन अभी जो कुछ वह कर रहे हैं, उसे मैं पसंद नहीं करता हूं लेकिन भारत और अमेरिका के बहुत ही खास रिश्ते हैं। इसके बारे में कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी इस तरह की चीजें हो जाती हैं।'

डील पर बातचीत जारी-यूएस राष्ट्रपति

भारत और अन्य देशों के साथ चल रही व्यापार वार्ता के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि डील पर बातचीत चल रही है। हालंकि, गूगल पर ईयू द्वारा लगाए गए जुर्माने पर उन्होंने अपनी नाखुशी जाहिर की। भारत के साथ व्यापार समझौता अभी नहीं हो पाया है। कृषि एवं डेयरी सेक्टर को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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